गौरेला-पेंड्रा-मरवाही : पक्की छत से संवर रही जिंदगी, आवास योजनाओं से हजारों परिवारों के सपने साकार

PTV BHARAT 15 OCTOBER 2026 – गौरेला-पेंड्रा-मरवाही : पक्की छत से संवर रही जिंदगी, आवास योजनाओं से हजारों परिवारों के सपने साकार

सिर पर पक्की छत, परिवार के लिए सुरक्षित आशियाना और बच्चों के बेहतर भविष्य का सपना हर व्यक्ति के जीवन की बड़ी आकांक्षाओं में शामिल है। विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के लिए पक्का मकान केवल चारदीवारी और छत नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान, आत्मविश्वास और खुशहाल जीवन की नई शुरुआत है। कभी कच्ची दीवारों और खपरैल की छतों के सहारे जीवन बिताने वाले हजारों परिवारों का यह सपना अब शासन की जनकल्याणकारी आवास योजनाओं से साकार हो रहा है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण और पीएम जनमन योजना जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हर जरूरतमंद परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराने की परिकल्पना और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की प्रतिबद्धता से जिले में आवास निर्माण कार्यों को गति मिल रही है। जिला प्रशासन के प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में पक्के मकानों की संख्या बढ़ रही है और हजारों परिवार सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना से 47 हजार से अधिक परिवारों का सपना साकार

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के प्रभावी क्रियान्वयन से आवास निर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। योजना के अंतर्गत विभिन्न वित्तीय वर्षों में कुल 56 हजार 455 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से अब तक 47 हजार 19 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। यह उपलब्धि आवासहीन और कच्चे मकानों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों को पक्का आशियाना उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

वित्तीय वर्ष 2016-18 में स्वीकृत 10 हजार 797 आवासों में से 10 हजार 650 आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। इसी प्रकार, वित्तीय वर्ष 2019-23 के दौरान स्वीकृत 16 हजार 811 आवासों में से 15 हजार 234 का निर्माण पूरा हो चुका है। इन दोनों अवधियों में कुल 25 हजार 884 आवास पूर्ण किए गए हैं।

वर्ष 2024-26 में 21 हजार से अधिक मकान पूर्ण

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-26 में जिले में आवास निर्माण को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इस अवधि में कुल 28 हजार 847 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 28 हजार 26 हितग्राहियों को प्रथम किस्त, 24 हजार 165 को द्वितीय किस्त और 17 हजार 144 हितग्राहियों को तृतीय किस्त की राशि जारी की गई है।

इस अवधि में अब तक 21 हजार 115 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। आवास निर्माण की प्रगति की निगरानी, किस्तों के भुगतान और हितग्राहियों को आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के प्रयास जारी हैं। शेष स्वीकृत आवासों को जल्द पूरा कराने पर भी जिला प्रशासन का ध्यान है, ताकि अधिक से अधिक परिवार अपने पक्के घर में रह सकें।

मुख्यमंत्री आवास योजना से जरूरतमंद परिवारों को मिल रहा सहारा

प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण भी जिले के जरूरतमंद परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बन रही है। योजना के अंतर्गत जिले में कुल 423 आवास स्वीकृत किए गए हैं। सभी 423 हितग्राहियों को प्रथम किस्त की राशि प्रदान की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त 298 हितग्राहियों को द्वितीय किस्त, 249 को तृतीय किस्त और 235 हितग्राहियों को चतुर्थ किस्त की राशि उपलब्ध कराई गई है।

मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत अब तक 249 आवासों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। शेष आवासों को पूर्ण कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण पक्का मकान नहीं बना पाने वाले परिवारों को इस योजना के माध्यम से अपना घर बनाने का अवसर मिल रहा है।

पीएम जनमन योजना से विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों को सुरक्षित आवास

विशेष पिछड़ी जनजाति समुदायों तक विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित पीएम जनमन योजना भी जिले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

गौरेला विकासखंड में योजना के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों के लिए कुल 1,080 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 886 का निर्माण पूरा हो चुका है। यह उपलब्धि जनजातीय समुदायों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने और उनके जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले इन परिवारों के लिए पक्का मकान सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन का आधार है। इससे उन्हें मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों से सुरक्षा के साथ बच्चों की शिक्षा, पालन-पोषण और पारिवारिक जीवन के लिए बेहतर वातावरण मिलता है। पीएम जनमन योजना विशेष पिछड़ी जनजातियों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

पक्के मकान से सुरक्षा, बच्चों की पढ़ाई और परिवार के भविष्य को संबल

ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को बरसात के दौरान छत से पानी टपकने, दीवारों में सीलन और मकान क्षतिग्रस्त होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। गर्मी, सर्दी और बारिश में सुरक्षित आवास का अभाव दैनिक जीवन को प्रभावित करता है। ऐसे में पक्का मकान मिलने से परिवारों को इन कठिनाइयों से राहत मिलती है।

पक्के घर से परिवार में सुरक्षा और स्थायित्व की भावना मजबूत होती है। बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिलता है, महिलाओं को घरेलू कार्यों में सुविधा होती है और बुजुर्गों को सुरक्षित आवासीय परिवेश मिलता है। अपना घर होने से परिवारों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे भविष्य की योजनाओं को लेकर अधिक आश्वस्त होते हैं।

इस तरह आवास योजनाएं केवल मकान निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने का माध्यम भी बन रही हैं।

आवास निर्माण की नियमित समीक्षा, समय पर लाभ दिलाने पर जोर

जिले में आवास योजनाओं के क्रियान्वयन और स्वीकृत आवासों के निर्माण की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा निर्माणाधीन आवासों की स्थिति, विभिन्न किस्तों के भुगतान और लंबित निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा की जा रही है।

हितग्राहियों के आधार सत्यापन, बैंक खातों से संबंधित समस्याओं और तकनीकी कठिनाइयों के निराकरण के लिए भी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं। संबंधित अधिकारियों और मैदानी अमले के माध्यम से आवास निर्माण की प्रगति पर निगरानी रखकर कार्यों को गति देने पर जोर दिया जा रहा है।

जिला प्रशासन का प्रयास है कि स्वीकृत आवास निर्धारित मानकों के अनुरूप समय पर पूरे हों और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

अंत्योदय की भावना को मिल रहा मूर्त रूप

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण और पीएम जनमन जैसी जनकल्याणकारी योजनाएं समाज के सबसे जरूरतमंद व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने की भावना को साकार कर रही हैं। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में हजारों पक्के मकानों का निर्माण ग्रामीण विकास की बदलती तस्वीर प्रस्तुत कर रहा है।

जिन परिवारों के लिए कभी आर्थिक कठिनाइयों के कारण पक्का मकान बनाना संभव नहीं था, उन्हें अब शासन की सहायता से सुरक्षित आशियाना मिल रहा है। यह परिवर्तन ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय स्थिति में सुधार के साथ सामाजिक सम्मान, पारिवारिक सुरक्षा और बेहतर जीवन स्तर की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।

जिले में 47 हजार 19 प्रधानमंत्री आवासों का पूर्ण होना योजनाओं के क्रियान्वयन से हजारों परिवारों के जीवन में आए बदलाव को दर्शाता है। मुख्यमंत्री आवास योजना और पीएम जनमन के माध्यम से भी जरूरतमंद तथा विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों तक आवास की सुविधा पहुंचाई जा रही है।

पक्की छत के नीचे सुरक्षित बचपन, सम्मान के साथ जीवन जीते बुजुर्ग और बेहतर भविष्य का सपना संजोते परिवार इन योजनाओं की महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं। हर जरूरतमंद परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराने की दिशा में जारी प्रयास विकसित छत्तीसगढ़ और सशक्त ग्रामीण समाज के निर्माण को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।

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