PTV BHARAT 16 OCTOBER 2026 – बेमेतरा : महतारी वंदन योजना से प्रेमिन वर्मा के सपनों को मिले पंख, सिलाई मशीन बनी आत्मनिर्भरता का आधार
छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में आर्थिक सुरक्षा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई उम्मीद जगा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित इस योजना के तहत मिलने वाली प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता महिलाओं को घरेलू जरूरतें पूरी करने के साथ स्वरोजगार शुरू करने और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए बचत करने का अवसर प्रदान कर रही है। बेमेतरा जिले के बेरला विकासखंड अंतर्गत ग्राम उफरा निवासी प्रेमिन वर्मा इसकी प्रेरणादायक मिसाल हैं। उन्होंने योजना से प्राप्त राशि का सदुपयोग कर सिलाई मशीन खरीदी और स्वरोजगार शुरू किया। साथ ही, अपनी बेटी के उज्ज्वल भविष्य के लिए नियमित बचत भी कर रही हैं।
प्रेमिन वर्मा बताती हैं कि परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्हें जीवन में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। सीमित आमदनी में घर की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना ही बड़ी चुनौती थी। एक मां होने के नाते उन्हें सबसे अधिक चिंता अपनी बेटी की पढ़ाई और भविष्य की रहती थी। वह चाहती थीं कि उनकी बेटी अच्छी शिक्षा प्राप्त करे और आर्थिक परेशानियां उसके सपनों के रास्ते में बाधा न बनें। लेकिन परिवार की सीमित आय के कारण भविष्य के लिए बचत कर पाना मुश्किल था।
ऐसे कठिन समय में महतारी वंदन योजना उनके जीवन में उम्मीद की नई किरण बनकर आई। योजना के अंतर्गत उन्हें प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिलने लगी। प्रेमिन को अब तक 32 किस्तों के माध्यम से कुल 32 हजार रुपये प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने इस राशि का उपयोग केवल घरेलू खर्चों तक सीमित रखने के बजाय परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और बेटी का भविष्य सुरक्षित बनाने के लिए किया।
सिलाई मशीन ने खोले स्वरोजगार के नए रास्ते
प्रेमिन वर्मा ने महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि की बचत कर सिलाई मशीन खरीदी। उनके लिए यह मशीन केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने के सपने को साकार करने का माध्यम है। अब वे घर पर सिलाई का काम कर आमदनी अर्जित कर रही हैं और परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में सहयोग दे रही हैं।
प्रेमिन बताती हैं कि पहले छोटी-छोटी आर्थिक जरूरतों के लिए भी उन्हें परेशान होना पड़ता था, लेकिन अब स्वयं की मेहनत से आय अर्जित करने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। सिलाई के काम ने उन्हें अपनी क्षमता पहचानने और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में भागीदारी निभाने का अवसर दिया है।
बेटी के भविष्य के लिए हर महीने 500 रुपये की बचत
स्वरोजगार के साथ प्रेमिन ने अपनी बेटी के भविष्य को भी प्राथमिकता दी है। वे महतारी वंदन योजना से मिलने वाली एक हजार रुपये की राशि में से प्रतिमाह 500 रुपये बेटी के सुकन्या समृद्धि खाते में जमा कर रही हैं। उनकी इच्छा है कि भविष्य में बेटी की उच्च शिक्षा और अन्य आवश्यकताओं के लिए पर्याप्त बचत हो सके।
प्रेमिन का मानना है कि छोटी-छोटी नियमित बचत भविष्य में बड़ा सहारा बन सकती है। वे अपनी बेटी के सपनों को पूरा करने के लिए आर्थिक आधार तैयार कर रही हैं। उनकी यह पहल दर्शाती है कि आर्थिक सहायता का योजनाबद्ध उपयोग महिलाओं को वर्तमान की जरूरतों के साथ भविष्य की जिम्मेदारियों के लिए भी सक्षम बना सकता है।
आर्थिक सहायता ने दिया आत्मविश्वास और सम्मान से जीने का संबल
प्रेमिन वर्मा कहती हैं कि पहले आर्थिक परेशानियों और बेटी के भविष्य को लेकर मन में चिंता बनी रहती थी, लेकिन महतारी वंदन योजना ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। अब वे न केवल नियमित बचत कर पा रही हैं, बल्कि स्वयं के रोजगार से परिवार की आमदनी बढ़ाने में भी योगदान दे रही हैं।
उन्होंने कहा कि उनके लिए सिलाई मशीन सिर्फ एक मशीन नहीं, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने की उम्मीद है। महतारी वंदन योजना से मिली सहायता ने उन्हें बचत करने और अपना काम शुरू करने का हौसला दिया है। अब वे अपनी बेटी के बेहतर भविष्य के लिए भी पैसे जमा कर पा रही हैं।
प्रेमिन वर्मा की सफलता की कहानी बताती है कि नियमित आर्थिक सहायता, सही योजना और दृढ़ संकल्प से महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा सकती हैं। महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि का उपयोग स्वरोजगार और बेटी के भविष्य के लिए बचत में कर उन्होंने आर्थिक स्वावलंबन की प्रेरक मिसाल प्रस्तुत की है।

