धमतरी : जल संरक्षण और आजीविका की नई क्रांति, सामुदायिक डबरियों से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था

PTV BHARAT 21 OCTOBER 2026 – धमतरी : जल संरक्षण और आजीविका की नई क्रांति, सामुदायिक डबरियों से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था

छत्तीसगढ़ में मनरेगा और जल संरक्षण अभियानों के तहत सामुदायिक डबरी निर्माण, नए तालाब, चेकडैम और सोक पिट जैसी संरचनाओं के माध्यम से भूजल स्तर में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। इससे किसान धान के अलावा सब्जी, फल, फूल और मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों से जुड़कर अपनी आय बढ़ाने और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

धमतरी जिले में जल संरक्षण, भूजल संवर्धन और ग्रामीण आजीविका को नई मजबूती देने के उद्देश्य से एक महत्वाकांक्षी पहल शुरू की गई है। वीबी-जी रामजी योजना के अंतर्गत जिले में 1.72 करोड़ रुपये की स्वीकृत राशि से 34 सामुदायिक डबरियों का निर्माण कराया जा रहा है। यह पहल वर्षा जल संचयन के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की आत्मनिर्भरता के लिए मजबूत आधार तैयार करेगी।

जल संरक्षण से संवरेगा गांव का भविष्य

ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषकर वर्षा पर निर्भर खेती करने वाले किसानों के लिए ये सामुदायिक डबरियां उपयोगी साबित होंगी। इनमें वर्षा जल एकत्रित कर स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप उपयोग किया जाएगा। इससे भूजल स्तर में सुधार के साथ जल प्रबंधन को भी नई दिशा मिलेगी।

सामुदायिक डबरियों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि एक ही जल संरचना का लाभ कई परिवार सामूहिक रूप से उठा सकेंगे। इससे ग्रामीणों में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति साझा जिम्मेदारी और सहभागिता की भावना मजबूत होगी।

कृषि और मत्स्य पालन से बढ़ेंगे कमाई के अवसर

डबरियों में संचित जल का उपयोग केवल सिंचाई और खेती तक सीमित नहीं रहेगा। पर्याप्त जल उपलब्धता और तकनीकी अनुकूलता के आधार पर विभागीय नियमों के अनुसार मत्स्य पालन जैसी आयवर्धक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इससे ग्रामीण परिवारों को कृषि के साथ आजीविका के अतिरिक्त और टिकाऊ अवसर मिल सकेंगे।

गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष जोर

निर्मित परिसंपत्तियों से दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित करने के लिए निर्माण कार्यों में निर्धारित तकनीकी मानकों और गुणवत्ता का पालन किया जा रहा है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि सामुदायिक डबरी निर्माण जल संरक्षण और ग्रामीण आजीविका संवर्धन की दिशा में दूरगामी कदम है। इसका मुख्य उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संचयन कर स्थानीय जल संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है।

जनपद पंचायतों और मैदानी अमले को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा उन्हें निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।

सामुदायिक सहभागिता से टिकाऊ विकास

योजना का एक प्रमुख उद्देश्य ग्रामीणों को जल के विवेकपूर्ण उपयोग और संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। सामुदायिक सहभागिता से निर्मित जल संरचनाओं का उचित रखरखाव संभव होगा, जिससे आने वाली पीढ़ियों को भी इनका दीर्घकालिक लाभ मिल सकेगा।

धमतरी जिले की यह पहल जल प्रबंधन, ग्रामीण आजीविका संवर्धन और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से टिकाऊ विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

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