PTV BHARAT 27 OCTOBER 2026 – रायपुर : 700 ग्राम वजन के साथ जन्मे नवजात को 62 दिनों के उपचार के बाद मिला नया जीवन
कोंडागांव जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने और गंभीर स्थिति वाले नवजात शिशुओं को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। जिला अस्पताल में मात्र 700 ग्राम वजन के साथ जन्मे एक प्रीटर्म नवजात शिशु को 62 दिनों तक लगातार उपचार, विशेष देखभाल और चिकित्सकीय निगरानी के बाद नया जीवन मिला है। उपचार के दौरान शिशु का वजन बढ़कर 1.350 किलोग्राम हो गया। स्वास्थ्य में सुधार और स्थिति स्थिर होने के बाद 21 अक्टूबर 2026 को शिशु को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग ने नवजात की बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और उपचार व्यवस्था की निरंतर निगरानी करते हुए आवश्यक सहयोग प्रदान किया। चिकित्सकों के समन्वय और सहयोग से शिशु को जरूरी चिकित्सा सुविधाएं, उपचार एवं देखभाल उपलब्ध कराई गई।
जन्म के समय मात्र 700 ग्राम था वजन
कोंडागांव जिले के विश्रामपुरी विकासखंड के ग्राम सलना छोटेमालगांव निवासी लखमी मरकाम और रमेश्वर मरकाम के शिशु का जन्म 21 अगस्त 2026 को हुआ था। जन्म के समय शिशु का वजन मात्र 700 ग्राम था। समय से पहले जन्म और अत्यंत कम वजन के कारण उसकी स्थिति गंभीर थी। प्रारंभिक उपचार के बाद बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शिशु को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र माकड़ी से जिला अस्पताल रेफर किया गया।
जिला अस्पताल में भर्ती के समय शिशु की हृदय गति 135 प्रति मिनट, ऑक्सीजन संतृप्ति (SpO₂) 90 प्रतिशत तथा शरीर का तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शिशु की नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे विशेष नवजात देखभाल, निरंतर चिकित्सकीय निगरानी और व्यवस्थित उपचार की आवश्यकता थी।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में चला उपचार
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रुद्र कश्यप एवं डॉ. राजेश बघेल ने शिशु की स्थिति के अनुसार उपचार किया। उपचार के दौरान शिशु को 11 दिनों तक Cefotaxime एवं Amikacin, 38 दिनों तक Capnea तथा 20 दिनों तक अंतःशिरा द्रव (IVF) दिया गया। आवश्यकता के अनुसार Meropenem एवं Vancomycin जैसे उन्नत एंटीबायोटिक भी दिए गए। शिशु को लगभग 42 दिनों तक ऑक्सीजन सपोर्ट की आवश्यकता रही तथा उपचार के दौरान छह बार रक्त चढ़ाया गया।
चिकित्सकों ने शिशु की स्थिति पर लगातार नजर रखी और आवश्यकता के अनुसार उपचार में बदलाव किए। विशेष नवजात देखभाल इकाई (SNCU) की टीम ने भी उपचार के दौरान निरंतर देखभाल और सहयोग प्रदान किया। सघन देखभाल और लगातार चिकित्सा के परिणामस्वरूप 62 दिनों में शिशु का वजन बढ़कर 1 किलो 350 ग्राम हो गया। स्वास्थ्य में सुधार और स्थिति स्थिर होने के बाद 21 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2 बजे उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।
कंगारू मदर केयर से शिशु की रिकवरी में मिली मदद
शिशु की रिकवरी में चिकित्सकीय उपचार के साथ मां की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। शिशु की मां लखमी मरकाम ने लगभग 50 दिनों तक कंगारू मदर केयर (Kangaroo Mother Care—KMC) प्रदान किया। इस पद्धति में शिशु को मां के सीने से त्वचा के संपर्क में रखकर उसकी गर्माहट और देखभाल सुनिश्चित की जाती है।
निरंतर चिकित्सकीय निगरानी, आवश्यक पोषण, कंगारू मदर केयर और मां के समर्पित सहयोग से शिशु के स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार हुआ। उसका वजन लगातार बढ़ा और उसकी स्थिति पहले से बेहतर होती गई।
62 दिनों की मेहनत लाई रंग
अत्यंत कम वजन और गंभीर स्थिति से शुरू हुई यह यात्रा शिशु के परिवार के लिए खुशी और राहत का क्षण बनी। वहीं, चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए यह सफलता उनके समर्पण, निरंतर प्रयास और बेहतर नवजात देखभाल व्यवस्था का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

