PTV BHARAT 15 FEB 2025 नई दिल्ली। शक्तियों के विभाजन पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हमारे जैसे देश में या किसी भी लोकतंत्र में वैधानिक निर्देश के अनुसार मुख्य न्यायाधीश सीबीआई निदेशक की नियुक्ति में कैसे शामिल हो सकते हैं? उपराष्ट्रपति ने पूछा कि क्या इसके लिए कोई कानूनी तर्क हो सकता है? जगदीप धनखड़ ने कहा कि वैधानिक निर्देश इसलिए बने, क्योंकि उस समय की कार्यपालिका ने न्यायिक फैसले के आगे घुटने टेक दिए थे। मगर अब इस पर पुनर्विचार करने का वक्त आ गया है। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र के साथ मेल नहीं खाता है। उन्होंने पूछा कि किसी भी कार्यकारी नियुक्ति में भारत के मुख्य न्यायाधीश को कैसे शामिल किया जा सकता है? उपराष्ट्रपति ने कहा कि न्यायपालिका की सार्वजनिक उपस्थिति मुख्य रूप से फैसलों के माध्यम से होनी चाहिए। फैसले स्वयं बोलते हैं। फैसलों का महत्व होता है। उन्होंने कहा कि संविधान के मुताबिक अगर फैसला सर्वोच्च अदालत से आता है तो उसे लागू करना होता है।
CBI निदेशक के सिलेक्शन में मुख्य न्यायाधीश कैसे शामिल हो सकते- उपराष्ट्रपति
