PTV BHARAT 29 APRIL नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ में 2,000 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले में दो जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए पूछा कि वह एक आरोपित को आखिर कब तक जेल में रखेगी। जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने मौखिक रूप से टिप्पणी की- ”जांच अपनी गति से चलेगी। यह अनंतकाल तक चलती रहेगी। तीन आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं। आप किसी व्यक्ति को हिरासत में रखकर उसे वास्तव में दंडित कर रहे हैं। आपने प्रक्रिया को ही सजा बना दिया है। यह कोई आतंकवादी या तिहरे हत्याकांड का मामला नहीं है।” राज्य की ओर से पेश अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने जमानत याचिकाओं का विरोध किया और कहा कि मामले में आरोपितों का सामना अन्य आरोपितों से कराया जाना चाहिए। आरोपितों की ओर से पेश अधिवक्ता सिद्धार्थ अग्रवाल ने तर्क दिया कि मामले में तीन आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं और आरोप तय किए जाने बाकी हैं।
शराब घोटाले में दो जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए शीर्ष कोर्ट ने की टिप्पणी- किसी को हिरासत में रखकर आप उसे दंडित कर रहे
