PTV BHARAT 11 DEC 2025 मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गुप्त जी ने खड़ी बोली को न केवल काव्य की गरिमा प्रदान की, बल्कि उसे राष्ट्रीय चेतना का सशक्त वाहक बनाया। स्वतंत्रता संग्राम के चुनौतीपूर्ण समय में मैथिलीशरण गुप्त जी की रचनाओं ने देशभक्ति, स्वाभिमान और सामाजिक जागरण की ऐसी लौ प्रज्वलित की, जिसने जन-मानस को एकजुट किया। उनकी कालजयी कृति भारत-भारती सहित अनेक काव्य-रचनाएँ आज भी राष्ट्रभावना और सांस्कृतिक मूल्यों के संवर्धन में अमूल्य योगदान देती हैं। इन्हीं अद्वितीय सेवाओं के कारण उन्हें सम्मानपूर्वक ‘राष्ट्रकवि’ की उपाधि से विभूषित किया गया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की पुण्यतिथि पर अर्पित की श्रद्धांजलि
