PTV BHARAT 19 MAY 2026 रायपुर – चार्टर्ड अकाउंटेंट चेतन तारवानी ने छत्तीसगढ़ में संपत्ति की खरीद-बिक्री, स्टाम्प ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन फीस और प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन से जुड़े नियमों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए कहा है कि राज्य सरकार द्वारा किए गए हालिया बदलाव आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और संयुक्त परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आए हैं। जिनका उद्देश्य संपत्ति विवादों को कम करना तथा लोगों को कम खर्च में अपनी संपत्ति नियमित करने की सुविधा देना है।सीए चेतन तारवानी ने बताया कि संपत्ति खरीदने के दौरान मुख्य रूप से दो प्रकार के शुल्क लगते हैं — स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस। पुरुष के नाम पर संपत्ति खरीदने पर 5 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी और 1 प्रतिशत पंचायत अथवा नगर निगम कर लगाया जाता है। उन्होंने जानकारी दी कि पूर्व में लागू 12 प्रतिशत अतिरिक्त सेस को 20 मार्च 2026 से समाप्त कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त 4 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन शुल्क लागू होता है, जिससे कुल खर्च लगभग 10 प्रतिशत तक पहुंचता है।उन्होंने बताया कि महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदने पर राज्य सरकार ने विशेष राहत प्रदान की है। महिला खरीदारों को 1 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी की छूट दी गई है। साथ ही 1 अप्रैल 2026 से महिलाओं के लिए रजिस्ट्रेशन फीस में 50 प्रतिशत तक की छूट लागू कर दी गई है। इस प्रकार महिलाओं के नाम पर संपत्ति रजिस्ट्री कराने पर कुल खर्च लगभग 7 प्रतिशत तक सीमित रह जाता है।प्रॉपर्टी मूल्यांकन के संबंध में सीए तारवानी ने कहा कि स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क सर्कल रेट अथवा वास्तविक खरीद मूल्य — दोनों में से जो अधिक होगा, उसी के आधार पर लिया जाता है। हालांकि यदि खरीद मूल्य सर्कल रेट से अधिक है, तो पंजीयन शुल्क केवल सर्कल रेट तक ही सीमित रहेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी संपत्ति की खरीद बाजार मूल्य से कम राशि में की जाती है, तब भी आयकर अधिनियम के अंतर्गत कैपिटल गेन की गणना अधिक मूल्य के आधार पर होगी। हालांकि बाजार मूल्य और वास्तविक खरीद मूल्य के बीच 10 प्रतिशत तक का अंतर मान्य माना जाता है।उन्होंने अग्रिम भुगतान एवं एग्रीमेंट से जुड़े मामलों पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि किसी संपत्ति का एग्रीमेंट पहले हो चुका है और बाद में उसका बाजार मूल्य बढ़ जाता है, तो स्टाम्प ड्यूटी एवं रजिस्ट्रेशन शुल्क वर्तमान बाजार मूल्य पर देना होगा। लेकिन यदि एग्रीमेंट की राशि बैंकिंग माध्यम, जैसे चेक आदि से भुगतान की गई है, तो आयकर की दृष्टि से एग्रीमेंट में तय मूल्य को ही मान्य माना जाएगा।सीए चेतन तरवानी ने बताया कि 50 लाख रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति खरीदने पर खरीदार के लिए 1 प्रतिशत टीडीएस काटना अनिवार्य होता है। यह नियम संपत्ति के कुल मूल्य पर लागू होता है, चाहे खरीददार और विक्रेता एक से अधिक ही क्यों न हों। उन्होंने कहा कि खरीदार को यह राशि काटकर निर्धारित समय सीमा में आयकर विभाग में जमा करनी होती है।जीएसटी से संबंधित जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि जमीन की खरीद-बिक्री तथा पूर्ण रूप से निर्मित मकानों पर जीएसटी लागू नहीं होता। यदि किसी मकान का कंप्लीशन सर्टिफिकेट उपलब्ध है, तो उस पर जीएसटी देय नहीं होगा। हालांकि यदि किसी बिल्डर से निर्माणाधीन प्रोजेक्ट में मकान बुक किया जाता है अथवा एडवांस भुगतान किया जाता है, तो उस पर जीएसटी लागू होगा। 45 लाख रुपये तक मूल्य वाले मकानों पर 1 प्रतिशत तथा उससे अधिक मूल्य वाले मकानों पर 5 प्रतिशत जीएसटी लागू होता है, जिसे बिल्डर द्वारा विभाग में जमा किया जाता है।
छत्तीसगढ़ में स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस को लेकर बड़ा बदलाव : सीए चेतन तरवानी
