PTV BHARAT 11 JUNE 2026 एजेंसी-नई दिल्ली। देशभर में सड़क हादसों में जान गंवाने वाली गृहिणियों के परिवारों को मिलने वाले मुआवजे को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक और बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि घर संभालने वाली महिलाओं को राष्ट्र निर्माता का दर्जा मिलना चाहिए। कोर्ट ने साफ किया कि उनके काम की तुलना किसी कुशल मजदूर की दिहाड़ी से करके उनके योगदान को कम नहीं आंका जा सकता।मामले में सुनवाई के दौरान न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश एन कोटिस्वर सिंह की बेंच ने एक नया सिद्धांत तय करते हुए कहा कि किसी हादसे में गृहिणियों की मौत होने पर, उनके द्वारा की जाने वाली देखभाल और घरेलू काम की कीमत कम से कम 30000 रुपये प्रति महीना (3.6 लाख रुपये सालाना) मानी जाएगी। सर्वोच्च न्यायालय ने जोर दिया कि यह रकम ‘प्रणय सेठी’ मामले में तय अन्य सभी मुआवजा नियमों के अलावा होगी।
गृहिणियों को राष्ट्र निर्माता का दर्जा मिला
