PTV BHARAT 24 JUNE 2026- उत्तर बस्तर कांकेर : बिहान योजना से बदली चन्द्रिका जैन की जिंदगी, आत्मनिर्भरता की बनी मिसाल – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित ‘बिहान’ योजना जिले की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जिला मुख्यालय से 18 किलोमीटर दूर कांकेर विकासखंड के ग्राम कोकपुर निवासी चन्द्रिका जैन आज ग्रामीण महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की प्रेरणादायक मिसाल बन चुकी हैं।
चन्द्रिका जैन दन्तेश्वरी स्व-सहायता समूह तथा कंचन महिला क्लस्टर संगठन बारदेवरी से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने बताया कि समूह से जुड़ने से पहले उनके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। बच्चों की पढ़ाई, घरेलू आवश्यकताओं और खेती-किसानी के कार्यों के लिए उन्हें अक्सर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी ब्याज पर ऋण लेना पड़ता था, जिससे परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ जाता था। स्वयं का व्यवसाय शुरू करने की इच्छा होने के बावजूद पर्याप्त संसाधन और आर्थिक सहयोग नहीं मिलने से उनका सपना अधूरा था।
चन्द्रिका ने बताया कि उन्हें बिहान योजना के बारे में जानकारी मिली, जहां 10 महिलाएं मिलकर समूह बनाती हैं, बचत करती हैं और आवश्यकता पड़ने पर आसानी से ऋण भी प्राप्त कर सकती हैं। वर्ष 2024 में उन्होंने बिहान के तहत संचालित दन्तेश्वरी स्व-सहायता समूह की सदस्यता ग्रहण की। समूह से जुड़ने के बाद नियमित बचत, बैठकों और वित्तीय गतिविधियों में भागीदारी के माध्यम से उन्हें आर्थिक प्रबंधन और बैंकिंग प्रक्रियाओं की जानकारी मिली। समूह के माध्यम से आवश्यकता पड़ने पर उन्हें आसानी से ऋण भी मिलने लगा।
बिहान योजना के अंतर्गत उन्हें चक्रीय निधि के रूप में प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई। आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सामुदायिक निवेश निधि के रूप में 60 हजार रुपये की सहायता भी मिली। समय-समय पर संबंधित अधिकारियों और सामुदायिक संसाधन व्यक्तियों द्वारा उन्हें मार्गदर्शन और प्रोत्साहन दिया गया।
प्राप्त सहायता और मार्गदर्शन के बल पर चन्द्रिका जैन ने किराना दुकान का संचालन शुरू किया तथा कृषि कार्यों का भी विस्तार किया। बैंक से मुद्रा ऋण प्राप्त कर उन्होंने कृषि कार्यों के लिए ट्रैक्टर और जेसीबी मशीन खरीदी। इनका उपयोग स्वयं के कार्यों के साथ-साथ किराये पर देकर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रही हैं।
आज चन्द्रिका जैन की मासिक आय लगभग 20 हजार रुपये तथा वार्षिक आय लगभग 2 लाख 40 हजार रुपये तक पहुंच गई है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने से वे अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध करा रही हैं और परिवार की आवश्यकताओं को आत्मविश्वास के साथ पूरा कर रही हैं।
चन्द्रिका जैन का कहना है कि “बिहान योजना ने मुझे आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया। आज मैं अपने परिवार की आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हूं। समूह और शासन की योजनाओं से मिली सहायता ने मेरे जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।”
