PTV BHARAT 28 JUNE 2026 रायपुर : ‘मन की बात’ बना जनसंवाद और जनप्रेरणा का सशक्त मंच – पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का सामूहिक श्रवण किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने प्रधानमंत्री के विचारों को ध्यानपूर्वक सुना और राष्ट्र निर्माण में जनभागीदारी की भावना को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि ‘मन की बात’ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के करोड़ों नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री का आत्मीय संवाद है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम समाज में सकारात्मक सोच, जनभागीदारी, सामाजिक उत्तरदायित्व, नवाचार और राष्ट्र निर्माण की भावना को निरंतर सशक्त करता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री समय-समय पर देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे प्रेरणादायी प्रयासों, नवाचारों, जनसेवा के उत्कृष्ट कार्यों तथा सामान्य नागरिकों की असाधारण उपलब्धियों को सामने लाकर पूरे देश को प्रेरित करते हैं।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रेरणादायी विचार प्रत्येक नागरिक को समाजहित और राष्ट्रहित में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करते हैं। ‘मन की बात’ के माध्यम से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, युवा नवाचार, आत्मनिर्भर भारत, स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन तथा जनकल्याण से जुड़े अनेक विषयों पर सकारात्मक संदेश पूरे देश तक पहुंचते हैं। इससे समाज में जागरूकता बढ़ती है और आमजन विकास यात्रा के सहभागी बनते हैं।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है। प्रधानमंत्री का यह संवाद समाज के प्रत्येक वर्ग को प्रेरणा देने के साथ-साथ राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध को भी मजबूत करता है।
कार्यक्रम के समापन पर मंत्री राजेश अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका नेतृत्व और मार्गदर्शन देश के विकास, सामाजिक समरसता, जनकल्याण तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने प्रधानमंत्री के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने तथा समाज और राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।

