उत्तर बस्तर कांकेर : मुर्गी पालन, मशरूम उत्पादन और चटिया मिल से संवरी लच्छंतीन बाई की जिंदगी

PTV BHARAT 3 JULY 2026 उत्तर बस्तर कांकेर : मुर्गी पालन, मशरूम उत्पादन और चटिया मिल से संवरी लच्छंतीन बाई की जिंदगी – बिहान (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) के माध्यम से जिले की स्व-सहायता समूह की महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। भानुप्रतापपुर विकासखंड के ग्राम कराठी निवासी लच्छंतीन बाई दरपट्टी इसका प्रेरक उदाहरण हैं। तुलसी स्व-सहायता समूह की सक्रिय सदस्य लच्छंतीन बाई, महिला शक्ति संकुल संगठन कन्हारगांव से जुड़ी हैं। जिला मुख्यालय से लगभग 8 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में बिहान योजना ने उनके जीवन की दिशा बदल दी है।

लच्छंतीन बाई ने बताया कि समूह से जुड़ने से पहले परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी और छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी उन्हें ऊंचे ब्याज पर ऋण लेना पड़ता था। खेती की आधुनिक तकनीकों की जानकारी नहीं थी और स्वयं का व्यवसाय शुरू करने का सपना अधूरा था। गांव की अन्य महिलाओं के साथ उन्होंने स्व-सहायता समूह से जुड़कर नियमित बचत और बैठकें शुरू कीं, जिससे जरूरत के समय समूह से आसानी से ऋण मिलने लगा और दूसरों पर निर्भरता समाप्त हो गई।

उन्हें चक्रीय निधि, प्रोत्साहन राशि तथा आजीविका गतिविधियों के विस्तार के लिए बैंक से 1 लाख 20 हजार रुपये का ऋण भी प्राप्त हुआ। बिहान मिशन के अधिकारियों द्वारा समय-समय पर प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिलने के साथ मुद्रा ऋण योजना की जानकारी भी दी गई, जिससे उन्होंने अपना व्यवसाय आगे बढ़ाया।

आज लच्छंतीन बाई चटिया मिल (लघु प्रसंस्करण इकाई), मशरूम उत्पादन, मुर्गी पालन और कृषि कार्य जैसे विभिन्न आजीविका गतिविधियों का सफलतापूर्वक संचालन कर रही हैं। इन गतिविधियों से उन्हें लगभग 12 हजार रुपये प्रतिमाह और करीब 1 लाख 45 हजार रुपये वार्षिक आय प्राप्त हो रही है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बच्चों की शिक्षा बेहतर ढंग से हो रही है और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। आज लच्छंतीन बाई ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की प्रेरणास्रोत बन चुकी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *