रायपुर : तसर पालन से बीजापुर के ग्रामीणों की बढ़ेगी आय

PTV BHARAT 18 AUGUST 2026 – बीजापुर : तसर पालन से बीजापुर के ग्रामीणों की बढ़ेगी आय – बीजापुर जिले में तसर यानी कोसा पालन को बढ़ावा देने और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के लिए विशेष प्रशिक्षण एवं सहायता दी जा रही है। भैरमगढ़ स्थित कोसा बीज केंद्र में ग्रामीणों और हितग्राहियों को तसर पालन की वैज्ञानिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया है। इसके साथ अर्जुन और साजा के 5,000 पौधे तैयार किए गए हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के नए अवसर विकसित होंगे।

बीजापुर के ग्रामीण क्षेत्रों में तसर पालन को बढ़ावा देने के लिए स्वस्थ डिम्ब समूह वितरण योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के तहत मिन्कापल्ली, कोत्तापल्ली, गुदमा और भैरमगढ़ क्षेत्र के रेशम हितग्राहियों को 10 हजार स्वस्थ तसर डिम्ब समूह वितरित किए गए हैं। इससे ग्रामीण परिवारों को तसर पालन के माध्यम से अतिरिक्त आय और रोजगार का अवसर मिलेगा।

1.40 लाख रुपये की सब्सिडी से मिला आर्थिक सहारा

योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को लगभग 1.40 लाख रुपये की शासकीय सब्सिडी का लाभ मिला है। स्वस्थ एवं गुणवत्तापूर्ण डिम्ब समूह मिलने से हितग्राही बेहतर तरीके से तसर पालन कर सकेंगे। इससे कम लागत में अधिक और गुणवत्तापूर्ण कोसा उत्पादन की संभावनाएं बढ़ेंगी।

वैज्ञानिक तरीके से तसर पालन का प्रशिक्षण

स्वस्थ डिम्ब समूह एसएमटीसी, चेन्नूर, तेलंगाना से प्राप्त कर हितग्राहियों को उपलब्ध कराए गए हैं। रेशम विभाग के तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा हितग्राहियों को तसर पालन की वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। इसमें डिम्ब समूहों की देखभाल, कीट प्रबंधन, पौधों की सुरक्षा और तसर पालन के विभिन्न चरणों का व्यावहारिक प्रशिक्षण शामिल है।

बेहतर उत्पादन से बढ़ेगी आमदनी

विभाग द्वारा हितग्राहियों को लगातार तकनीकी मार्गदर्शन दिया जा रहा है, ताकि स्वस्थ डिम्ब समूहों का बेहतर पालन कर अधिक कोसा उत्पादन किया जा सके। गुणवत्तापूर्ण उत्पादन बढ़ने से ग्रामीण परिवारों की अतिरिक्त आय में वृद्धि होने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते ग्रामीण परिवार

स्वस्थ डिम्ब समूह वितरण योजना बीजापुर के ग्रामीण हितग्राहियों को पारंपरिक तसर पालन को वैज्ञानिक तरीके से आगे बढ़ाने का अवसर दे रही है। गुणवत्तापूर्ण डिम्ब समूह, शासकीय सब्सिडी और तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से तसर उत्पादकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

यह पहल जिले में तसर उत्पादन और उसकी गुणवत्ता बढ़ाने के साथ ग्रामीण परिवारों के लिए अतिरिक्त आय, रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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