महासमुंद : हरी खाद (ढैंचा) से संवर रही खेतों की सेहत, टिकाऊ खेती की ओर बढ़ रहे किसान

PTV BHARAT 8 JULY 2026 महासमुंद : हरी खाद (ढैंचा) से संवर रही खेतों की सेहत, टिकाऊ खेती की ओर बढ़ रहे किसान – महासमुंद जिले में ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत कृषि विभाग किसानों को हरी खाद (ढैंचा) के उपयोग के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर जिले के सभी विकासखंडों में अब तक 376 हेक्टेयर क्षेत्र में 103 क्विंटल ढैंचा बीज वितरित किया गया है, जिससे 813 किसान हरी खाद तकनीक अपना रहे हैं।

कृषि विभाग के मार्गदर्शन में किसान ढैंचा की फसल को फूल आने से पहले खेत में पलट रहे हैं, जिससे सड़ने के बाद बनने वाली जैविक खाद मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती है। बसना विकासखंड के किसान हिमांशु बंजारे, पिथौरा के रूक्मण नायक और बसना के गोकुल पटेल सहित कई किसानों ने इस तकनीक को अपनाकर खेती की लागत कम करने और मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने का अनुभव साझा किया।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार ढैंचा वायुमंडल से नाइट्रोजन का स्थिरीकरण कर मिट्टी को समृद्ध बनाता है, साथ ही फास्फोरस, जिंक और आयरन जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ाता है। इससे मिट्टी की जलधारण क्षमता बढ़ती है, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटती है और टिकाऊ, पर्यावरण-अनुकूल खेती को बढ़ावा मिलता है। कृषि विभाग ने किसानों से खरीफ फसलों की बुवाई से पहले हरी खाद का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की है।

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