PTV BHARAT 16 JULY 2026 एमसीबी : ग्राम परसगढ़ी की रानी सिंह बोलीं – 125 दिनों का रोजगार और बढ़ी मजदूरी से बदला परिवार का भविष्य – विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-G RAM-G) ग्रामीण श्रमिकों के लिए आर्थिक मजबूती का नया आधार बनकर उभर रहा है। मनेन्द्रगढ़ विकासखंड के ग्राम परसगढ़ी की निवासी रानी सिंह ने बताया कि योजना से मिलने वाले 125 दिनों के रोजगार, 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी और 15 दिनों के भीतर भुगतान ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव लाया है।
रानी सिंह ने बताया कि पहले मनरेगा के तहत केवल 100 दिनों का रोजगार और 261 रुपये प्रतिदिन मजदूरी मिलती थी, जिससे परिवार का खर्च चलाना कठिन होता था। अब नई व्यवस्था में रोजगार की अवधि बढ़कर 125 दिन हो गई है और मजदूरी भी 300 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। साथ ही मजदूरी का भुगतान 15 दिनों के भीतर होने से श्रमिकों को समय पर उनकी मेहनत का पारिश्रमिक मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि बढ़ी हुई आय से अब बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, पोषण, खेती-किसानी और घरेलू जरूरतों को पूरा करना आसान हो गया है। गांव में ही नियमित रोजगार मिलने से अब काम की तलाश में बाहर पलायन करने की आवश्यकता भी काफी कम हो गई है।
रानी सिंह के अनुसार यह योजना महिलाओं के लिए भी आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बनी है। गांव में ही रोजगार मिलने से महिलाएं घरेलू जिम्मेदारियों के साथ आय अर्जित कर रही हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास और आर्थिक भागीदारी दोनों बढ़े हैं।
उन्होंने बताया कि योजना का सकारात्मक असर पूरे गांव की अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है। रोजगार बढ़ने से लोगों की आय और क्रय क्षमता में वृद्धि हुई है, स्थानीय बाजारों में आर्थिक गतिविधियां तेज हुई हैं और विकास कार्यों को नई गति मिली है।
रानी सिंह ने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना ग्रामीण श्रमिक परिवारों के लिए सम्मानजनक रोजगार, आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की नई उम्मीद लेकर आई है।

