PTV BHARAT 30 JULY 2026 रायपुर : चार महीनों में 130 सफल ऑपरेशन, सुकमा जिला अस्पताल बना नई उम्मीद का केंद्र – सुकमा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की जनहितैषी सोच और वन एवं प्रभारी मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार कलेक्टर अमित कुमार के प्रयासों से जिला अस्पताल सुकमा में तीन वर्षों से बंद पड़ा ऑर्थो (हड्डी रोग) ऑपरेशन थिएटर मार्च 2026 से दोबारा शुरू किया गया। इसके बाद से अस्पताल में मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज मिलना शुरू हुआ है।
जनवरी 2026 में एमएस ऑर्थो विशेषज्ञ डॉ. संदीप वर्मा की पदस्थापना के बाद अस्पताल में हड्डी रोग के उपचार और ऑपरेशन की सुविधा मजबूत हुई। पिछले चार महीनों में यहां 130 सफल ऑपरेशन किए गए हैं। इससे जिले के सैकड़ों मरीजों और उनके परिवारों को राहत मिली है।
सोनमती और अनुराग की मुस्कान बनी बदलाव की पहचान
ग्राम कुकानार की 13 वर्षीय छात्रा कु. सोनमती पेड़ से गिरने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उसके दोनों पैरों की जांघ की हड्डियां टूट गई थीं। जिला अस्पताल में समय पर उपचार, ब्लड बैंक से रक्त की उपलब्धता और सफल ऑपरेशन के बाद वह पूरी तरह स्वस्थ हो रही है। इसी तरह, मोटरसाइकिल दुर्घटना में घायल हुए कुम्हाररास निवासी चार वर्षीय अनुराग माड़वी का भी सफल ऑपरेशन किया गया। अब वह भी स्वस्थ है और सामान्य जीवन की ओर लौट रहा है।
अब इलाज के लिए नहीं जाना पड़ता दूसरे शहर
पहले सुकमा के मरीजों को हड्डी रोग के इलाज के लिए जगदलपुर, रायपुर या ओडिशा के मलकानगिरी जाना पड़ता था। इससे गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ता था और इलाज में देरी भी होती थी। अब जिला अस्पताल में ही निःशुल्क ऑपरेशन, दवाइयां, भोजन और भर्ती की सुविधा उपलब्ध है। इससे मरीजों का समय और पैसा दोनों बच रहे हैं।
ओडिशा से भी आ रहे हैं मरीज
सुकमा जिला अस्पताल की बेहतर चिकित्सा व्यवस्था का असर अब पड़ोसी राज्य ओडिशा के मलकानगिरी क्षेत्र तक दिखाई दे रहा है। वहां के मरीज भी हड्डी रोग के उपचार के लिए सुकमा आ रहे हैं। यह अस्पताल की बढ़ती विश्वसनीयता का प्रमाण है।
अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने का संकल्प
कलेक्टर अमित कुमार ने कहा कि जिले के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता और आधुनिक संसाधनों के कारण जिला अस्पताल की सेवाएं लगातार बेहतर हो रही हैं। सोनमती और अनुराग जैसे बच्चों की मुस्कान इस बात का प्रमाण है कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती हैं। सुकमा जिला अस्पताल आज क्षेत्र के लोगों के लिए नई उम्मीद और भरोसे का केंद्र बन चुका है।

