PTV BHARAT 3 AUGUST 2026 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई पहचान – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इन्हीं प्रयासों के परिणामस्वरूप गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के विकासखंड गौरेला स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर चनाडोंगरी ने राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के अंतर्गत 88.57 प्रतिशत अंक प्राप्त कर राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन हासिल किया है। यह उपलब्धि ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और जनकेंद्रित स्वास्थ्य व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
राष्ट्रीय स्तर की मूल्यांकन टीम ने स्वास्थ्य संस्थान का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, मरीजों की संतुष्टि, स्वच्छता, रिकॉर्ड संधारण, दवाओं की उपलब्धता, मानव संसाधन प्रबंधन, अधोसंरचना, जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट प्रबंधन तथा सामुदायिक सहभागिता सहित विभिन्न मानकों पर मूल्यांकन किया गया। सभी मानकों पर बेहतर प्रदर्शन करते हुए आयुष्मान आरोग्य मंदिर चनाडोंगरी ने 88.57 प्रतिशत अंक हासिल कर राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त किया।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर चनाडोंगरी में ग्रामीणों को नियमित रूप से बाह्य रोगी सेवाएं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, नियमित टीकाकरण, परिवार नियोजन सेवाएं, गैर-संचारी रोगों की जांच एवं परामर्श, मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं, टेलीमेडिसिन सुविधा, स्वास्थ्य जागरूकता, निःशुल्क दवा वितरण तथा आवश्यक जांच सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन सुविधाओं के कारण आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उपचार के लिए दूरस्थ अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में अब तक चनाडोंगरी सहित 14 स्वास्थ्य संस्थान राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) से प्रमाणित हो चुके हैं। शेष स्वास्थ्य संस्थानों को भी राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन दिलाने के लिए आवश्यक सुधार और तैयारियां जारी हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास, प्राथमिक स्वास्थ्य संस्थानों को सशक्त बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर चनाडोंगरी को मिला यह राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन न केवल गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है।

