PTV BHARAT 3 AUGUST 2026 रायपुर : पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने जनदर्शन में सुनीं आमजन की समस्याएं – प्रदेश में सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने लखनपुर स्थित अपने निज निवास पर जनदर्शन कार्यक्रम आयोजित कर बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिकों से मुलाकात की। उन्होंने लोगों की समस्याओं, मांगों और सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनदर्शन के दौरान क्षेत्र के विभिन्न गांवों और नगरीय क्षेत्रों से आए लोगों ने पेयजल, सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, पर्यटन विकास, सांस्कृतिक गतिविधियों तथा अन्य जनहित से जुड़े मामलों पर अपनी समस्याएं और मांगें मंत्री के समक्ष रखीं। मंत्री ने प्रत्येक आवेदन का अवलोकन करते हुए संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई करने और सभी प्रकरणों की नियमित समीक्षा के निर्देश दिए।
राजेश अग्रवाल ने कहा कि जनता का विश्वास सरकार की सबसे बड़ी पूंजी है और शासन की योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति की समस्या का समय पर समाधान हो। उन्होंने कहा कि जनदर्शन आम नागरिकों और शासन के बीच विश्वास का मजबूत माध्यम है तथा सरकार की प्राथमिकता है कि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक भटकना न पड़े और उन्हें त्वरित, पारदर्शी एवं संवेदनशील प्रशासन मिले।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। इसी भावना के अनुरूप जनप्रतिनिधि और प्रशासन आम नागरिकों के साथ निरंतर संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर गंभीरता से कार्य करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर उसका निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
मंत्री ने यह भी कहा कि शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने तथा जनसमस्याओं के समाधान में मानवीय संवेदनशीलता को सर्वोच्च महत्व देने के निर्देश दिए।

