रायपुर : वन धन योजना से बदली महिलाओं की जिंदगी

PTV BHARAT 3 AUGUST 2026 रायपुर : वन धन योजना से बदली जशपुर की महिलाओं की जिंदगी, 1.91 करोड़ रुपये का कारोबार – जशपुर जिले की ग्रामीण महिलाओं ने प्रधानमंत्री वन धन विकास योजना के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। वन धन विकास केंद्र सहकारी समिति, पनचक्की की अध्यक्ष कांता बाई के नेतृत्व में महिलाओं ने वनोपज आधारित आजीविका को नए स्तर पर पहुंचाते हुए रोजगार और सम्मान दोनों हासिल किए हैं।

प्रधानमंत्री वन धन विकास योजना के तहत संचालित इस केंद्र ने उरांव जनजाति की महिलाओं को वनोपज संग्रह तक सीमित रहने के बजाय मूल्य संवर्धित उत्पाद तैयार करने का अवसर दिया। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ और ट्राइफेड (TRIFED) के सहयोग से महिलाओं को आधुनिक तकनीक, उत्पाद निर्माण, पैकेजिंग और विपणन का प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही आवश्यक मशीनें और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं।

प्रशिक्षण के बाद महिलाओं ने औषधीय वनोपज से च्यवनप्राश सहित विभिन्न हर्बल उत्पादों का निर्माण शुरू किया। इन उत्पादों को ‘छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ ब्रांड के तहत बाजार में उतारा गया, जिससे उन्हें अच्छी पहचान और बाजार में मांग मिली।

मार्च 2026 तक वन धन विकास केंद्र, पनचक्की ने लगभग 1.91 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया। इससे समिति से जुड़ी महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और वे अपने परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

आर्थिक रूप से सशक्त होने के साथ-साथ महिलाओं का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। आज वे अपने गांव और समाज में सम्मानजनक पहचान बना चुकी हैं। कांता बाई के नेतृत्व में यह केंद्र अन्य ग्रामीण और जनजातीय महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गया है।

वन धन विकास योजना स्थानीय वनोपज आधारित स्वरोजगार को बढ़ावा देकर ग्रामीण और जनजातीय महिलाओं को रोजगार, आय और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की दिशा में एक प्रभावी पहल के रूप में सामने आई है।

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