PTV BHARAT 3 AUGUST 2026 रायपुर : देश की प्रगति के केंद्र में युवा, स्किल और नवाचार : वित्त मंत्री ओपी चौधरी – प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि विकसित भारत का सपना युवाओं की प्रतिभा, कौशल और नवाचार की शक्ति से ही साकार होगा। उन्होंने कहा कि आज का दौर ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था का है, जहां केवल डिग्री नहीं, बल्कि सीखने की क्षमता, व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और स्किल ही सफलता की वास्तविक पहचान हैं।
भिलाई स्थित Rungta International Skills University द्वारा आयोजित Vidyarambh 2.0 Orientation कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया और नवाचार आधारित नीतियों ने देश के युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोले हैं। उन्होंने कहा कि आने वाला समय Gen Z का है और यही पीढ़ी विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत बनेगी।
अपने संबोधन में मंत्री ओपी चौधरी ने अपने जीवन के संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि रायगढ़ जिले के छोटे से गांव बायंग से भारतीय प्रशासनिक सेवा और फिर सार्वजनिक जीवन तक का उनका सफर इस बात का प्रमाण है कि सीमित संसाधन सफलता की राह में बाधा नहीं बनते। उन्होंने बताया कि बचपन में पिता के निधन के बाद उनकी माता ने उन्हें बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस दिया। कलेक्टर कार्यालय में माता की पेंशन से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए जाना उनके जीवन का टर्निंग प्वाइंट बना, जिसके बाद उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने का संकल्प लिया।
उन्होंने कहा कि आज की शिक्षा व्यवस्था में केवल डिग्री प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है। युवाओं को नई-नई स्किल विकसित करनी होगी, बदलते समय के अनुरूप स्वयं को तैयार करना होगा और जीवनभर सीखने की आदत अपनानी होगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन, राजनीति, आधुनिक कृषि और निवेश जैसे विभिन्न क्षेत्रों में मिली सफलता का आधार निरंतर सीखना और समय के साथ स्वयं को विकसित करना रहा है।
मंत्री ओपी चौधरी ने विद्यार्थियों से कठिनाइयों को अवसर के रूप में देखने की अपील करते हुए कहा कि संघर्ष ही व्यक्ति को मजबूत बनाता है और बड़े लक्ष्य हासिल करने की क्षमता देता है। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों की तुलना दूसरों से करने के बजाय उनकी मौलिक प्रतिभा को पहचानें और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दें।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने युवाओं से ज्ञान, कौशल, नवाचार और सकारात्मक सोच को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसा करके युवा न केवल अपना भविष्य उज्ज्वल बना सकते हैं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

