PTV BHARAT 19 AUGUST 2026 – बेमेतरा : केविके बेमेतरा में TCBT प्राकृतिक खेती तकनीक पर एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला – कृषि विज्ञान केंद्र, बेमेतरा में किसानों को प्राकृतिक और टिकाऊ कृषि पद्धतियों से जोड़ने के उद्देश्य से ताराचंद बेलजी तकनीक (TCBT) प्राकृतिक खेती पर एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में प्राकृतिक खेती की विभिन्न तकनीकों, प्राकृतिक कृषि आदानों के निर्माण एवं उपयोग, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, प्राकृतिक कीट प्रबंधन और कम लागत में टिकाऊ कृषि उत्पादन की जानकारी दी गई।
TCBT तकनीक और प्राकृतिक कृषि आदानों की दी जानकारी
कार्यक्रम में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस ताराचंद बेलजी ने TCBT प्राकृतिक खेती की अवधारणा और इसके व्यावहारिक पहलुओं पर किसानों को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने पतवार रसायन के निर्माण, उपयोग की विधि और फसलों में इसके प्रयोग से संबंधित तकनीकी जानकारी साझा की।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के कीट विज्ञान विभाग के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. गजेंद्र चंद्राकर ने प्राकृतिक उपायों से कीट प्रबंधन और फसल सुरक्षा के संबंध में वैज्ञानिक जानकारी दी। TCBT प्रशिक्षक रविकांत साहू ने प्राकृतिक कृषि आदानों की प्रायोगिक विधि और उपयोग के साथ अन्न द्रव्य रसायन के बारे में जानकारी दी। TCBT विशेषज्ञ रणवीर ने जैव रसायन सहित विभिन्न प्राकृतिक खेती तकनीकों और खेत स्तर पर उनके उपयोग की जानकारी किसानों को दी।
स्थानीय संसाधनों के उपयोग से लागत कम करने पर जोर
कृषि विज्ञान केंद्र, बेमेतरा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख तोषण कुमार ठाकुर ने किसानों को प्राकृतिक खेती में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों के उपयोग से खेती की उत्पादन लागत कम करने के साथ किसानों की आय और कृषि उत्पादों की गुणवत्ता में भी सुधार किया जा सकता है।
प्रशिक्षण के दौरान किसानों को प्राकृतिक कृषि इनपुट तैयार करने, मृदा स्वास्थ्य बनाए रखने, प्राकृतिक तरीके से कीट प्रबंधन और फसल उत्पादन में स्थानीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी गई।
60 से अधिक प्रगतिशील किसानों ने लिया प्रशिक्षण
कार्यशाला में बेमेतरा जिले में जैविक एवं प्राकृतिक खेती से जुड़े 60 से अधिक प्रगतिशील किसानों ने हिस्सा लिया। किसानों ने TCBT तकनीक और अपने खेतों से संबंधित समस्याएं एवं जिज्ञासाएं विशेषज्ञों के सामने रखीं तथा उनके तकनीकी समाधान की जानकारी प्राप्त की।
तकनीकी सत्र का संचालन कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डोमन सिंह टेकाम और डॉ. रजनी डी. अगाशे ने किया।
केविके की विभिन्न गतिविधियों का किया अवलोकन
प्रशिक्षण के बाद अतिथियों और किसानों ने कृषि विज्ञान केंद्र के प्रदर्शनी कक्ष का अवलोकन किया। यहां प्राकृतिक खेती की विभिन्न तकनीकों, जिले के प्रगतिशील किसानों के नवाचारों तथा केविके द्वारा संचालित प्राकृतिक खेती इकाई, बीज उत्पादन इकाई, हाईटेक नर्सरी और मछली पालन इकाई सहित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली गई।
प्रक्षेत्र भ्रमण के दौरान प्राकृतिक खेती में उपयोगी कृषि आदानों के लिए बहुउपयोगी वृक्षों का पौधारोपण भी किया गया। साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र के प्रक्षेत्र में TCBT तकनीक के प्रदर्शन के लिए उपयुक्त स्थल का निरीक्षण और चयन किया गया।
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. जितेंद्र जोशी, डॉ. लव, डॉ. चंद्रशेखर खरे तथा कृषि विभाग के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी व्ही.के. टंडन सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

