धमतरी : बारिश के मौसम में हर बूंद की सुरक्षा, धमतरी में पेयजल गुणवत्ता की चौकस निगरानी

PTV BHARAT 2 SEPTEMBER 2026 – धमतरी : बारिश के मौसम में हर बूंद की सुरक्षा, धमतरी में पेयजल गुणवत्ता की चौकस निगरानी – मानसून के दौरान वर्षा और जलभराव के कारण पेयजल स्रोतों के दूषित होने की आशंका बढ़ जाती है। इसे देखते हुए धमतरी जिले में पेयजल गुणवत्ता की निगरानी को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देशानुसार लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा मानसून अवधि में विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

पेयजल स्रोत से घर तक गुणवत्ता की निगरानी

अभियान के तहत पेयजल स्रोतों की नियमित निगरानी, आवश्यकता के अनुसार क्लोरीनेशन, जल टंकियों की साफ-सफाई, ग्राम स्तर पर जल परीक्षण और प्रयोगशालाओं में घरेलू जल नमूनों की जांच की जा रही है। उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण परिवारों तक पहुंचने वाला पानी पर्याप्त होने के साथ स्वच्छ और सुरक्षित भी रहे।

16 हजार से अधिक पेयजल स्रोतों पर नजर

ग्रामीण क्षेत्रों में जिले के पास 9,981 हैंडपंप और कुल 16,024 पेयजल स्रोत उपलब्ध हैं। इसके अलावा 548 जल टंकियां ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्था का हिस्सा हैं। इन सभी की नियमित निगरानी और आवश्यक रखरखाव किया जा रहा है।

जल जीवन मिशन के तहत जल डिसइंफेक्शन के लिए जिले में 529 क्लोरिनेटर मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। इनके माध्यम से जल में मौजूद संभावित हानिकारक सूक्ष्मजीवों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

जिले में 718 नल जल योजनाएं और 2 समूह जल प्रदाय योजनाएं संचालित हैं, जिनके जरिए ग्रामीण परिवारों तक नल से पेयजल पहुंचाया जा रहा है।

3,110 ‘जल बहिनियां’ बनीं पेयजल गुणवत्ता की प्रहरी

जल गुणवत्ता की निगरानी में ग्रामीण समुदाय की भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है। जिले के 623 गांवों में Field Test Kit (FTK) उपलब्ध कराई गई है। प्रत्येक गांव में पांच जल बहिनियों को जल परीक्षण के लिए प्रशिक्षण दिया गया है।

इस तरह कुल 3,110 जल बहिनियां ग्राम स्तर पर पेयजल गुणवत्ता की निगरानी कर रही हैं। ये विभिन्न पेयजल स्रोतों से नमूने लेकर FTK के माध्यम से प्राथमिक जांच करती हैं, जिससे संभावित समस्याओं की शुरुआती स्तर पर पहचान हो सके।

हर सप्ताह 120 घरेलू जल नमूनों की जांच

मानसून के दौरान जिले के चारों विकासखंडों—कुरूद, मगरलोड, धमतरी और नगरी—से हर सप्ताह घरेलू जल के नमूने लिए जा रहे हैं। प्रत्येक विकासखंड से 30-30 नमूने, यानी कुल 120 नमूने प्रत सप्ताह जांच के लिए भेजे जाते हैं।

इनका परीक्षण जिला स्तरीय प्रयोगशाला धमतरी और उपखंड स्तरीय प्रयोगशालाओं में किया जा रहा है। इसके साथ ही हर सप्ताह 15 जल टंकियों की भी निगरानी की जा रही है।

घरेलू जल नमूनों की नियमित जांच से घरों तक पहुंचने वाले पानी की वास्तविक गुणवत्ता का आकलन संभव हो रहा है। कहीं गुणवत्ता संबंधी कमी पाए जाने पर संबंधित स्थान पर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जा रही है।

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