एमसीबी : गोबर के दीयों से जगमगाएंगे घर-आंगन, बिहान समूह की दीदियां दे रहीं स्वदेशी दीपों को बढ़ावा

PTV BHARAT 16 SEPTEMBER 2026 – एमसीबी : गोबर के दीयों से जगमगाएंगे घर-आंगन, बिहान समूह की दीदियां दे रहीं स्वदेशी दीपों को बढ़ावा

महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियां अपनी मेहनत, हुनर और स्थानीय संसाधनों के उपयोग से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। इसी क्रम में ग्राम पंचायत हरचौका की धनमंती दीदी और ग्राम पंचायत शिवगढ़ की ममता दीदी ने गोबर से लगभग 1,000 हस्तनिर्मित एवं पर्यावरण अनुकूल दीये तैयार किए हैं। इन दीयों का महिला समूह के माध्यम से घर-घर वितरण किया जा रहा है। साथ ही संकुल संगठन के पदाधिकारियों को भी दीये वितरित किए जा रहे हैं।

इन गोबर के दीयों के माध्यम से बिहान समूह की दीदियां न केवल स्थानीय संसाधनों का सदुपयोग कर रही हैं, बल्कि पारंपरिक दीप प्रज्वलन को पर्यावरण संरक्षण और महिला स्वावलंबन से जोड़ने का संदेश भी दे रही हैं। दीयों के निर्माण से ग्रामीण महिलाओं की रचनात्मकता और हुनर को पहचान मिल रही है तथा स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार की संभावनाओं को भी बढ़ावा मिल रहा है।

17 सितंबर को एमसीबी में दिखेगा सामूहिक दीपोत्सव

17 सितंबर को मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में ऐसा ही एक सामूहिक दीपोत्सव देखने को मिलेगा, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन एवं राष्ट्र निर्माण की 25 वर्षों की यात्रा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए जिले के गांवों, शहरों और घरों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जगमगाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम को जनभागीदारी से जोड़ते हुए जिले में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के लिए दीपों का वितरण शुरू कर दिया गया है। अब इन दीपों की रोशनी 17 सितंबर की शाम एमसीबी के अनेक घरों और सार्वजनिक स्थलों पर एक साथ दिखाई देगी।

गोबर के दीयों में दिखेगा आत्मनिर्भरता का संदेश

ग्राम पंचायत हरचौका की धनमंती दीदी और ग्राम पंचायत शिवगढ़ की ममता दीदी द्वारा तैयार किए गए लगभग 1,000 गोबर के दीये इस आयोजन को स्थानीय रंग दे रहे हैं। महिला समूह द्वारा इन दीयों को घर-घर पहुंचाया जा रहा है, ताकि ‘आशीर्वाद का दीया’ केवल एक आयोजन न रहकर व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप ले सके।

गोबर से बने ये दीये प्राकृतिक, पारंपरिक और स्थानीय संसाधनों पर आधारित हैं। इनके निर्माण के जरिए बिहान की दीदियां यह संदेश दे रही हैं कि गांव की महिलाएं उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर अपनी रचनात्मकता को रोजगार और सामुदायिक सहभागिता में बदल सकती हैं।

रोशनी के साथ सम्मान और सहभागिता का संदेश

17 सितंबर की शाम जब एमसीबी जिले के गांवों और शहरों में एक साथ दीप प्रज्वलित होंगे, तब इन दीयों की रोशनी के साथ जनभागीदारी, कृतज्ञता और आत्मनिर्भरता का संदेश भी दिखाई देगा। बिहान समूह की दीदियों की यह पहल ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को स्थानीय मेहनत और महिला स्वावलंबन से जोड़ते हुए इसे व्यापक जन-अभियान का स्वरूप दे रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *