PTV BHARAT 18 SEPTMBER 2026 रायपुर। अविभाजित मध्यप्रदेश के समय से अनुदान प्राप्त अशासकीय महाविद्यालय के प्राध्यापकों को वेतन, पेंशन, ग्रेच्युटी आदि प्राप्त होती रही है, छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद भी श्री अजीत जोगी सरकार, डॉ. रमन सिंह सरकार एवं भूपेश बघेल सरकार ने अनुदान प्राप्त महाविद्यालय के आध्यापकों एवं कर्मचारियों को शासकीय महाविद्यालय के समान वेतन एवं पाँचवें वेतनमान के आधार पर पेंशन लगातार जारी रखा था।वर्तमान विष्णुदेव सरकार द्वारा अचानक 1 सितम्बर 2026 को आदेश जारी कर सेवारत एवं सेवानिवृत्त अध्यापकों एवं कर्मचारियों का पेंशन-ग्रेच्युटी को समाप्त कर दिया गया है। सरकार के इस अन्यायकारी एवं विधि विरूद्ध आदेश से सेवानिवृत्त एवं सेवारत अध्यापकों एवं कर्मचारियों के समक्ष सम्मानपूर्वक जीवन निर्वाहन की समस्या खड़ी हो गयी है।सभी सेवारत अध्यापक विगत 30-35 वर्षों से अपने वेतन से पेंशन फण्ड हेतु अपना अंशदान शासन को भेजते रहे हैं। हम सभी अध्यापकों कि नियुक्ति छत्तीसगढ़ राज्य बनने से पूर्व की है तब पेंशन की योजना लागु थी। इस तरह अचानक पेंशन निरस्त करना शासन की तानाशाही रवैया है, जिसका प्राध्यापक संघ पुरजोर विरोध हर मोर्चे पर करने के लिए तैयार है।दिया है।
अनुदान प्राप्त अशासकीय महाविद्यालय के प्राध्यापकों के पेंशन, ग्रेच्युटी को अचानक समाप्त
