अर्धशासकीय प्रोफेसर, बाबू, लिपिक, प्यून सहित समस्त कर्मचारियों की पेंशन बंद करना अत्याचार – विकास उपाध्याय

PTV BHARAT 18 SEPTMBER 2026 रायपुर (छत्तीसगढ़) दिनांक 18.09.2026। पूर्व संसदीय सचिव एवं छाया सांसद विकास उपाध्याय ने अर्धशासकीय संस्थानों में कार्यरत प्रोफेसर, बाबू, लिपिक, प्यून सहित अन्य संबंधित कर्मचारियों की पेंशन बंद किए जाने को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों तक अपनी सेवाएं देने वाले कर्मचारियों की पेंशन बंद करना उनके साथ अन्याय और अत्याचार है।विकास उपाध्याय ने कहा कि कर्मचारी अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय शासन और संस्थानों की सेवा में समर्पित करते हैं। सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन उनके और उनके परिवार के लिए आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार होती है। ऐसे में पेंशन व्यवस्था को समाप्त करना कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि प्रोफेसर से लेकर बाबू, लिपिक, प्यून और अन्य कर्मचारी तक अपने-अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करते हुए संस्थानों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकार को कर्मचारियों की वर्षों की सेवा का सम्मान करते हुए उन्हें सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए। 70 साल 80 साल 90 साल के बुजुर्ग लोगों का जीवन व्यापन का एकमात्र साधन पेंशन है, इसमें से अधिकांश लोगों के पेंशन से ही दवाई का खर्च घर का राशन का खर्च या घरों के लोन पट रहे हैं। उपाध्याय ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने तो हिटलर को भी पीछे छोड़ दिया है।विकास उपाध्याय ने मांग की कि अर्धशासकीय कर्मचारियों की पेंशन बंद करने के निर्णय पर सरकार तत्काल पुनर्विचार करे और कर्मचारियों के हित में पेंशन व्यवस्था को बहाल करने की दिशा में ठोस कदम उठाए। उपाध्याय ने कहा कि कर्मचारियों के अधिकारों और उनके भविष्य की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। सरकार को कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर न्यायसंगत समाधान करना चाहिए और जो 1 सितंबर 2026 तथा 11 सितंबर 2026 के पेंशन व ग्रेच्युटी बंद करने के आदेश पर पुनर्विचार कर वापस लें एवं सभी पेंशनर्स की पेंशन को यथावत् लागू करें। उपाध्याय ने माननीय न्यायालय द्वारा दिए गये आदेश जिसमें पेंशनभोगियों के हित में जो जिस वेतनमान में सेवानिवृत्त हुए हैं, उसे उसी वेतनमान के अनुरूप पेंशन दिए जायें का अनुपालन भारतीय जनता पार्टी की साय सरकार से करने पर जोर दिया है। उपाध्याय ने छत्तीसगढ़ बीजेपी की सरकार से निवेदन किया है और यदि सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेती है व जुलाई व अगस्त से रोकी गई पेंशन का भुगतान पेंशनभोगियों को नहीं करती है तो कांग्रेस पार्टी उग्र आंदोलन करेगी और पेंशनभोगियों को न्याय दिलावकर ही दम

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