PTV BHARAT 05 OCTOBER 2026 – अम्बिकापुर : बैंगन की उन्नत खेती से किसान हरिहर साय ने बढ़ाई आमदनी, कोलकाता तक पहुंचाई उपज – मेहनत, आधुनिक कृषि तकनीक और बाजार की बेहतर समझ के साथ उद्यानिकी फसलों की खेती किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन सकती है। विकासखंड बतौली के ग्राम बटईकेला निवासी कृषक हरिहर साय पिता ढोला ने वीएनआर-212 ग्राफ्टेड बैंगन की उन्नत खेती कर इसे साबित किया है। उन्होंने स्थानीय बाजार से आगे पश्चिम बंगाल के कोलकाता तक अपनी उपज पहुंचाई है।
ग्राफ्टेड बैंगन से बेहतर बाजार और आय – हरिहर साय के पास कुल 4 हेक्टेयर कृषि भूमि है, जिसमें उन्होंने 0.40 हेक्टेयर में उद्यानिकी फसलों की खेती की है। इस वर्ष उन्होंने वीएनआर-212 ग्राफ्टेड बैंगन का चयन किया। फसल की बुआई 15 जून 2026 को की गई और 27 जुलाई से पहली तुड़ाई एवं बिक्री शुरू हुई।
30 सितंबर 2026 तक वे कुल 19.50 क्विंटल बैंगन बेच चुके हैं। उनकी उपज कोलकाता बाजार में बिक्री के लिए भेजी जा रही है। उन्हें अलग-अलग समय पर ₹27 से ₹38 प्रति किलोग्राम तक का भाव मिला है। बिक्री अभी जारी है, जिससे उत्पादन और आय में आगे और वृद्धि की संभावना है।
एक खेत में विविधता, आय के नए अवसर – हरिहर साय बैंगन उत्पादन के साथ शेडनेट हाउस में वीएनआर करेला और वीएनआर मिर्च के बीज उत्पादन का कार्य भी कर रहे हैं। नई तकनीकों को अपनाने से उनके कृषि कार्य में विविधता आई है और अलग-अलग फसलों से आय के अवसर बढ़े हैं।
हरिहर साय की सफलता उन किसानों के लिए प्रेरणादायक है, जो पारंपरिक फसलों के साथ उद्यानिकी फसलों को अपनाकर आय बढ़ाना चाहते हैं। ग्राफ्टेड पौधों, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, वैज्ञानिक फसल प्रबंधन और बेहतर बाजार संपर्क के माध्यम से किसान अपनी उपज को दूरस्थ बाजारों तक पहुंचा सकते हैं।

