रायपुर : सेवा संकल्प अभियान : धमतरी की 100 साल पुरानी वनोपज मंडी फिर होगी गुलजार

PTV BHARAT 07 OCTOBER 2026 – रायपुर : सेवा संकल्प अभियान : धमतरी की 100 साल पुरानी वनोपज मंडी फिर होगी गुलजार – सेवा संकल्प अभियान के तहत धमतरी की करीब 100 वर्ष पुरानी वनोपज मंडी को फिर से सक्रिय किया जा रहा है। श्यामतराई स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में अब प्रत्येक सोमवार को वनोपज एवं अन्य औषधीय उत्पादों के क्रय-विक्रय की विशेष व्यवस्था होगी। इससे वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों के कृषकों एवं संग्राहकों को स्थानीय स्तर पर बाजार और अपनी उपज के बेहतर विपणन का अवसर मिलेगा।

हर सोमवार होगी वनोपज की खरीदी-बिक्री – कृषि उपज मंडी समिति धमतरी ने प्रत्येक सोमवार सुबह 10 बजे से कार्य समाप्ति तक श्यामतराई मंडी के शेड क्रमांक-01 में पोल क्रमांक 04 से 08 तक के हिस्से को वनोपज एवं औषधीय उत्पादों के क्रय-विक्रय के लिए आरक्षित किया है। कृषक और वनोपज संग्राहक अपनी उपज यहां बिक्री के लिए ला सकेंगे।

स्थानीय बाजार से जुड़ेंगे वनोपज उत्पादक – कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि पुरानी वनोपज मंडी को पुनः सक्रिय करने का उद्देश्य कृषकों और संग्राहकों को स्थानीय स्तर पर बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है। नियमित क्रय-विक्रय की सुविधा से दूर के बाजारों पर निर्भरता कम होगी और परिवहन में लगने वाले समय व खर्च की बचत होगी।

उन्होंने कहा कि धमतरी में वनोपज एवं औषधीय उत्पादों के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन की व्यापक संभावनाएं हैं। स्थानीय स्तर पर फूड प्रोसेसिंग एवं अन्य प्रसंस्करण गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से उत्पादों को बेहतर मूल्य के साथ युवाओं और उद्यमियों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर मिल सकते हैं।

कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि वन क्षेत्र से प्राप्त उपज केवल कच्चे उत्पाद के रूप में बाहर न जाए, बल्कि स्थानीय स्तर पर संग्रहण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन की पूरी श्रृंखला विकसित हो। इससे वनोपज पर निर्भर परिवारों को बेहतर मूल्य और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

बस्तर जाने की जरूरत होगी कम – श्यामतराई क्षेत्र लंबे समय से वनोपज व्यापार से जुड़ा रहा है और धमतरी वनांचल व मैदानी क्षेत्रों के बीच महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र रहा है। मंडी के पुनः सक्रिय होने से जिले और आसपास के वनांचल क्षेत्रों के उत्पादकों को स्थानीय बाजार उपलब्ध होने की संभावना बढ़ेगी। औषधीय एवं वन संपदा से जुड़े उत्पादों के कारोबार के लिए बस्तर और जगदलपुर जैसे केंद्रों पर निर्भरता कम होने से समय और परिवहन लागत की बचत होगी।

मूल्य संवर्धन और फूड प्रोसेसिंग को मिलेगा बढ़ावा – वनोपज मंडी को केवल क्रय-विक्रय तक सीमित न रखते हुए वन आधारित अर्थव्यवस्था, मूल्य संवर्धन और खाद्य प्रसंस्करण से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण और फूड प्रोसेसिंग इकाइयों को प्रोत्साहन मिलने से कच्चे उत्पादों को यहीं प्रसंस्कृत कर अधिक मूल्य प्राप्त करने की संभावनाएं बढ़ेंगी। इससे कृषकों, संग्राहकों, छोटे व्यापारियों और प्रसंस्करण से जुड़े उद्यमियों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर विकसित हो सकते हैं।

व्यापारियों ने खरीद के लिए दी सहमति – मंडी समिति की बैठक में वनोपज व्यापारी संघ के प्रतिनिधियों और संबंधित सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में नियमित क्रय-विक्रय, कृषकों को मंडी तक लाने के लिए प्रचार-प्रसार और व्यापारियों द्वारा उत्पादों की खरीद सुनिश्चित करने सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। वनोपज व्यापारी संघ ने मंडी परिसर में कृषकों द्वारा लाए गए वनोपज एवं औषधीय उत्पादों की खरीद के लिए सहमति जताई।

ग्राम पंचायतों में मुनादी से होगा प्रचार – मंडी समिति द्वारा धमतरी तहसील की ग्राम पंचायतों में मुनादी और स्थानीय प्रचार-प्रसार के माध्यम से कृषकों एवं संग्राहकों को इस व्यवस्था की जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक उत्पादकों को स्थानीय बाजार से जोड़ना है।

वनोपज मंडी के पुनः संचालन से धमतरी की पुरानी व्यापारिक परंपरा को नया विस्तार मिलने के साथ स्थानीय वनोपज, औषधीय संपदा, प्रसंस्करण, विपणन और रोजगार की संभावनाओं को एक साझा मंच मिलने की उम्मीद है।

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