रायपुर : सेवा संकल्प अभियान : पंजीयन व्यवस्था में सुधारों से नागरिकों के समय और धन की हो रही बचत

PTV BHARAT 08 OCTOBER 2026 – रायपुर : सेवा संकल्प अभियान : पंजीयन व्यवस्था में सुधारों से नागरिकों के समय और धन की हो रही बचत – कभी संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए घंटों इंतजार और अधिक खर्च की चिंता रहती थी, लेकिन पंजीयन व्यवस्था में किए गए सुधारों से नागरिकों के समय और धन दोनों की बचत हो रही है। राजनांदगांव की नम्रता खंडेलवाल और प्रिया खंडेलवाल ने इसका प्रत्यक्ष अनुभव साझा किया। संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पहुंचीं दोनों महिलाओं को पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की रियायत और 0.6 प्रतिशत उपकर समाप्त होने से करीब 30 हजार रुपये की आर्थिक राहत मिली। वहीं, उप-पंजीयक कार्यालय में पूरी प्रक्रिया महज 30 मिनट में पूरी हो गई।

शुल्क में रियायत से 30 हजार रुपये की बचत – नम्रता खंडेलवाल और प्रिया खंडेलवाल ने बताया कि महिला क्रेता होने के कारण उन्हें पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की रियायत मिली। महिलाओं के पक्ष में संपत्ति अंतरण संबंधी दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क 4 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत किया गया है। इसके साथ ही 0.6 प्रतिशत उपकर समाप्त किए जाने का लाभ भी मिला। दोनों रियायतों से संपत्ति पंजीयन का कुल खर्च कम हुआ और करीब 30 हजार रुपये की बचत हुई।

सिर्फ 30 मिनट में पूरी हुई रजिस्ट्री – प्रिया खंडेलवाल ने बताया कि उप-पंजीयक कार्यालय में रजिस्ट्री और संबंधित प्रक्रिया लगभग 30 मिनट में पूरी हो गई। ऑनलाइन अपॉइंटमेंट, डिजिटल भुगतान और तकनीक आधारित सुविधाओं से पंजीयन प्रक्रिया आसान हुई तथा अनावश्यक इंतजार और कार्यालयों के चक्कर से राहत मिली।

डिजिटल सुविधाओं से पंजीयन और नामांतरण आसान – पंजीयन विभाग द्वारा ऑनलाइन अपॉइंटमेंट, ऑनलाइन भुगतान, आधार आधारित पहचान सत्यापन और डिजिटल दस्तावेज जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था के तहत संपत्ति की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः आगे बढ़ती है, जिससे नागरिकों को अलग से आवेदन करने और संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम हो रही है।

महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन को प्रोत्साहन – महिलाओं के लिए पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की रियायत से संपत्ति खरीद और पंजीयन का आर्थिक भार कम हुआ है। इससे महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन को बढ़ावा मिलने के साथ उनकी आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी सहयोग मिल रहा है।

सुशासन से मिली दोहरी राहत – नम्रता खंडेलवाल और प्रिया खंडेलवाल ने पंजीयन शुल्क में रियायत तथा डिजिटल सुविधाओं से मिले लाभ के लिए छत्तीसगढ़ शासन और पंजीयन विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शुल्क में राहत और कम समय में पंजीयन की सुविधा से उनका अनुभव पहले की तुलना में बेहतर रहा।

‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से पंजीयन विभाग हितग्राहियों से सीधे संवाद कर सुधारों के जमीनी प्रभाव, अनुभव और सुझाव संकलित कर रहा है। राजनांदगांव की नम्रता और प्रिया की कहानी बताती है कि नागरिक सेवाओं में किए गए सुधारों का लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंचने पर समय, धन और अनावश्यक परेशानी से राहत मिलती है।

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