रायपुर : टीबी मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने जीपीएम में जनभागीदारी की नई पहल, ‘जोश टीम’ का शुभारंभ

PTV BHARAT 08 OCTOBER 2026 – रायपुर : टीबी मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने जीपीएम में जनभागीदारी की नई पहल, ‘जोश टीम’ का शुभारंभ – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टीबी मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में जनभागीदारी आधारित प्रयासों को नई गति दी जा रही है। टीबी उन्मूलन को जनआंदोलन का स्वरूप देने, जागरूकता बढ़ाने और सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिले में ‘जोश टीम’ का शुभारंभ किया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से इस पहल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर गौरेला स्थित एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना कार्यालय में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित हुआ।

163 ग्राम पंचायतों और 224 गांवों को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प – कार्यक्रम में टीबी उन्मूलन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले ग्राम पंचायतों के सरपंचों, माय भारत वॉलंटियर्स और एनसीसी कैडेट्स को सम्मानित किया गया। जिले की सभी 163 ग्राम पंचायतों और 224 ग्रामों को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया। अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी के लक्षणों की पहचान, समय पर जांच, नियमित उपचार और जनजागरूकता को प्राथमिकता दी जाएगी।

राष्ट्रीय पहचान से बढ़ा उत्साह – कलेक्टर विजय दयाराम के. ने कहा कि जिले में टीबी उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य विभाग, पंचायत प्रतिनिधियों, मैदानी अमले और ग्रामीण समुदाय के सामूहिक प्रयास जारी हैं। 52 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किए जाने की उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना गौरव का विषय है। अब संपूर्ण जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभागों के साथ जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि सतत विकास लक्ष्यों के तहत वर्ष 2030 तक टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए मरवाही विकासखंड को सबसे पहले टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद जिले की सभी 163 ग्राम पंचायतों और 224 गांवों को टीबी मुक्त बनाने के लिए अभियान को व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।

समय पर जांच और नियमित उपचार जरूरी – कलेक्टर ने कहा कि टीबी का समय पर पता लगने और निर्धारित अवधि तक नियमित उपचार से सफलतापूर्वक इलाज संभव है। लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना, कमजोरी और रात में पसीना आना टीबी के संभावित लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच और चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की गई। ग्राम सभाओं में टीबी के लक्षण, संक्रमण से बचाव, जांच और उपचार की जानकारी देने तथा प्रत्येक गांव में जनजागरूकता गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए गए।

19 सरपंचों का सम्मान – पिछले वर्ष जिले की 52 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया था। इसी क्रम में मरवाही विकासखंड की 19 ग्राम पंचायतों के सरपंचों को टीबी उन्मूलन में उत्कृष्ट कार्य के लिए शॉल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। ग्राम पंचायतों से अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।

30 युवा वॉलंटियर्स और कैडेट्स सम्मानित – जनजागरूकता गतिविधियों में योगदान देने वाले माय भारत के 15 वॉलंटियर्स और एनसीसी के 15 कैडेट्स को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। युवाओं की सहभागिता से टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने, भ्रांतियां दूर करने और संभावित मरीजों को जांच एवं उपचार के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया गया।

जनप्रतिनिधियों ने किया सामूहिक सहभागिता का आह्वान – जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह, जनपद पंचायत गौरेला अध्यक्ष शिवनाथ बघेल और जिला किसान मोर्चा अध्यक्ष बृजलाल राठौर ने कहा कि टीबी मुक्त समाज के लिए गांव-गांव जागरूकता जरूरी है। उन्होंने ग्राम पंचायतों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।

‘टीबी हारेगा, देश जीतेगा’ की शपथ – कलेक्टर विजय दयाराम के. और जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों, कर्मचारियों, सरपंचों, युवाओं और अन्य प्रतिभागियों को टीबी उन्मूलन के लिए सक्रिय भागीदारी की शपथ दिलाई। सभी ने ‘टीबी हारेगा, देश जीतेगा’ के संकल्प के साथ जनजागरूकता फैलाने, संभावित मरीजों को जांच और उपचार के लिए प्रेरित करने तथा जिले को टीबी मुक्त बनाने में योगदान देने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक विभा टोप्पो सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, ग्राम पंचायतों के सरपंच, माय भारत वॉलंटियर्स, एनसीसी कैडेट्स और अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे। ‘जोश टीम’ की शुरुआत और जनप्रतिनिधियों एवं युवाओं की सहभागिता से जिले में टीबी उन्मूलन अभियान को नई गति मिलने की उम्मीद है।

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