PTV BHARAT 09 OCTOBER 2026 – रायपुर : मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में राज्य जल संसाधन उपयोग समिति की बैठक सम्पन्न – मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में जल संसाधन विभाग के अंतर्गत गठित राज्य जल संसाधन उपयोग समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न जिलों में संचालित औद्योगिक इकाइयों के वार्षिक जल आबंटन की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने पेयजल आपूर्ति को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करने और किसानों के खेतों में सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
औद्योगिक इकाइयों के जल आबंटन की समीक्षा – बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित स्पंज आयरन, पावर प्लांट, सीमेंट और अन्य विनिर्माण इकाइयों को जलाशयों एवं नदियों से दिए जाने वाले वार्षिक जल प्रदाय तथा नए आबंटन प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई।
भू-जल प्रबंधन और जल संरक्षण पर जोर – बैठक में राज्य भू-जल प्रबंधन एवं नियमन प्राधिकरण के गठन पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने औद्योगिक संस्थानों को स्वीकृत सीमा के भीतर जल उपयोग करने और जल शुल्क का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने उद्योगों को जल संरक्षण के लिए जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) तकनीक अपनाने, वाटर रीसाइक्लिंग प्लांट स्थापित करने और वर्षा जल संचयन प्रणालियों को प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा।
मिशन अमृत 2.0 के तहत नौ पेयजल योजनाओं को मंजूरी – बैठक में मिशन अमृत 2.0 तथा अन्य योजनाओं के अंतर्गत कुल नौ पेयजल प्रदाय योजनाओं के लिए स्वीकृत जल आबंटन की पुष्टि एवं अनुमोदन किया गया। इससे प्रदेश के नगरीय निकायों में जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
कृषि, पेयजल और उद्योगों के बीच संतुलित जल वितरण – मुख्य सचिव ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को कृषि, पेयजल और औद्योगिक जरूरतों के बीच जल का संतुलित वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि आगामी शुष्क मौसम में पेयजल आपूर्ति और कृषि सिंचाई पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारी, भू-जल वैज्ञानिक और समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

