रायपुर : विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं से तैयार होंगे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

PTV BHARAT 10 OCTOBER 2026 – रायपुर : विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं से तैयार होंगे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता इन प्रतिभाओं को पहचानने, तराशने और उन्हें विश्वस्तरीय प्रशिक्षण एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की है। राज्य सरकार इसी दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है, ताकि प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ और देश का गौरव बढ़ाएं। मुख्यमंत्री ने रायपुर के जोरा में सेंध लेक सिटी और इलेशियम क्लब्स की साझेदारी घोषणा एवं अनुबंध हस्ताक्षर समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर में प्रस्तावित विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स क्लब की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूती मिलेगी और युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण एवं सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने क्लब के संस्थापकों और टीम को बधाई दी। साथ ही पद्म भूषण से सम्मानित बैडमिंटन खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक पुलेला गोपीचंद का छत्तीसगढ़ में स्वागत करते हुए कहा कि भारतीय बैडमिंटन को वैश्विक पहचान दिलाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। नवा रायपुर में उनकी बैडमिंटन अकादमी की शुरुआत प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए बड़ी उपलब्धि साबित होगी।

बस्तर ओलंपिक से सामने आ रहीं ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाएं – मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का भी जरिया हैं। खेलों में निवेश युवा पीढ़ी और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य में निवेश है। इसी सोच के साथ सरकार खेल अधोसंरचना, प्रशिक्षण सुविधाओं और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने पर ध्यान दे रही है।

बस्तर ओलंपिक का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों की प्रतिभाओं को पहचानने का महत्वपूर्ण मंच बना है। पहले वर्ष इसमें लगभग 1 लाख 65 हजार खिलाड़ियों ने भाग लिया था, जबकि दूसरे वर्ष यह संख्या बढ़कर लगभग 3 लाख 91 हजार हो गई। उन्होंने कहा कि बस्तर के युवा अब हिंसा से दूर होकर खेल, शिक्षा, कौशल और रोजगार के माध्यम से अपना भविष्य संवारने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि सुदूर गांवों की प्रतिभाओं को भी बड़े शहरों के खिलाड़ियों के समान अवसर मिलें।

मुख्यमंत्री ने ‘खेलो इंडिया’ के अंतर्गत राष्ट्रीय जनजातीय खेलों के सफल आयोजन का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में भारोत्तोलन में रजत पदक जीतने वाली ज्ञानेश्वरी यादव और एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य संजू देवी की उपलब्धियों का उल्लेख किया।

खेल अधोसंरचना के लिए बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान – मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने खेलों के समग्र विकास के लिए इस वर्ष के बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। केंद्र की ‘खेलो इंडिया’ सहित विभिन्न योजनाओं के समन्वय से आधुनिक खेल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी खिलाड़ी को संसाधनों के अभाव में पीछे नहीं रहना चाहिए। प्रतिभाओं को अवसर देना और उन्हें राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है।

बस्तर में विकास की नई संभावनाएं – मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद से मुक्ति की दिशा में मिली सफलता प्रदेश के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की इच्छाशक्ति से नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान को निर्णायक दिशा मिली है। उन्होंने सुरक्षा बलों के जवानों के साहस, समर्पण और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि स्थानीय जनता के विश्वास और सहयोग से प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, खेल और रोजगार की नई संभावनाएं विकसित हो रही हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘मोदी की गारंटी’ के तहत किए गए वादों को पूरा करने और सुशासन एवं विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

2047 तक 75 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य – मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ को भी विकसित राज्य बनाने के लिए वर्ष 2047 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए प्राकृतिक संपदा, नई तकनीक, आधुनिक उद्योग, सेवा क्षेत्र और मानव संसाधन के विकास पर ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि खनिज संपदा, वनोपज, जल संसाधन और ऊर्जा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की व्यापक संभावनाएं हैं। राज्य की नई औद्योगिक नीति को देश-विदेश के निवेशकों से उत्साहजनक प्रतिसाद मिल रहा है। सिंगापुर प्रवास के दौरान डेटा सेंटर, कृषि प्रसंस्करण सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश पर सकारात्मक चर्चा हुई। लगभग 15 बड़ी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ हुई बैठक में निवेशकों ने छत्तीसगढ़ में उद्योग और व्यवसाय स्थापित करने में रुचि दिखाई। इससे युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

तकनीक से पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन पर जोर – मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नागरिक केंद्रित प्रशासन के लिए लगातार सुधार कर रही है। सुशासन एवं अभिसरण विभाग की स्थापना और मंत्रालय में ई-ऑफिस प्रणाली लागू करना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। शासकीय सेवाओं के डिजिटलीकरण से सेवाओं को सरल, सुगम और पारदर्शी बनाने तथा उनका लाभ समय पर नागरिकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओम प्रकाश चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान अब केवल खनिज और भारी उद्योगों तक सीमित नहीं है। प्रदेश में सेवा क्षेत्र, शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक और आधुनिक शहरी अधोसंरचना का भी विस्तार हो रहा है। नवा रायपुर नई संभावनाओं का प्रमुख केंद्र बन रहा है।

उन्होंने बताया कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी और नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी जैसे संस्थान स्थापित हो रहे हैं। वहीं आईआईटी, आईआईएम, एम्स और सीपेट जैसे राष्ट्रीय संस्थान युवाओं को शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। चौधरी ने कहा कि पुलेला गोपीचंद की बैडमिंटन अकादमी से प्रदेश के खिलाड़ियों को स्थानीय स्तर पर विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिलेगा। उन्होंने नवा रायपुर में डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर इकाई की स्थापना की दिशा में हो रहे कार्यों का भी उल्लेख किया।

स्वस्थ और सशक्त युवा पीढ़ी से साकार होगा विकसित भारत का सपना – पद्म भूषण पुलेला गोपीचंद ने छत्तीसगढ़ में स्वागत के लिए मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने नवा रायपुर के विकास की सराहना करते हुए इलेशियम क्लब्स की पहल को खेल, स्वास्थ्य और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।

गोपीचंद ने कहा कि पिछले दस-बारह वर्षों में देश में खेलों के प्रति दृष्टिकोण में बड़ा बदलाव आया है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय खिलाड़ी की जीत और तिरंगे का ऊंचा होना पूरे देश का आत्मविश्वास बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा और साक्षरता के साथ उनके शारीरिक विकास पर भी समान रूप से ध्यान देना चाहिए। बच्चों को दौड़ने, कूदने, चढ़ने और विभिन्न खेल गतिविधियों में भाग लेने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए।

उन्होंने कहा कि खेलों में निवेश स्वस्थ, अनुशासित और आत्मविश्वासी समाज के निर्माण में योगदान देता है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए ऐसी युवा पीढ़ी आवश्यक है, जो शिक्षित होने के साथ स्वस्थ, सक्रिय और शारीरिक रूप से सक्षम भी हो।

कार्यक्रम में प्रह्लाद राय अग्रवाल, दीपचंद राजलीवाल, पवित्र कुमार, डॉ. हिमांशु द्विवेदी सहित अन्य अतिथिगण और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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