बीजापुर : दुर्गम रास्तों की बाधा पार शशिकला गोटे तक पहुंचा मातृत्व योजना का लाभ

PTV BHARAT 11 OCTOBER 2026 – बीजापुर : दुर्गम रास्तों की बाधा पार शशिकला गोटे तक पहुंचा मातृत्व योजना का लाभ – छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के सुदूर वनांचलों में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंच रहा है। इसी कड़ी में पामगल सेक्टर के दूरस्थ ग्राम कोंगोपल्ली निवासी शशिकला गोटे को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिली है। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और आवागमन की चुनौतियों के बावजूद महिला एवं बाल विकास विभाग के मैदानी अमले की सक्रियता से उन्हें योजना का लाभ मिल सका।

नदी पार बसे गांव में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बनीं मददगार – ग्राम कोंगोपल्ली तक पहुंचने के लिए नदी पार करनी पड़ती है। विशेषकर बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने से आवागमन बाधित हो जाता है। ऐसी परिस्थितियों में गर्भवती महिलाओं तक स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी सेवाएं पहुंचाना चुनौतीपूर्ण होता है।

पामगल सेक्टर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने शशिकला की गर्भावस्था की जानकारी मिलने पर उनके घर पहुंचकर योजना, पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने आवेदन प्रक्रिया पूरी कराने में भी सहयोग किया।

ऑनलाइन पंजीयन से समय पर मिला लाभ – आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने आवश्यक दस्तावेजों की जांच कर आवेदन संबंधी औपचारिकताएं पूरी कराने में मदद की। इसके बाद सेक्टर मुख्यालय पामगल पहुंचकर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के पोर्टल पर शशिकला का ऑनलाइन पंजीयन कराया। नियमित फॉलोअप से उनका आवेदन निर्धारित समय-सीमा में स्वीकार हुआ और उन्हें 5 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई। इस प्रक्रिया के चलते उन्हें योजना का लाभ लेने के लिए बार-बार शासकीय कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े।

पोषण और स्वास्थ्य देखभाल में मिली मदद – योजना से प्राप्त आर्थिक सहायता का उपयोग शशिकला ने पौष्टिक आहार और आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था में किया। इससे उन्हें गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिली।

शशिकला गोटे ने बताया कि उनका गांव दूरस्थ क्षेत्र में स्थित है, जहां से बाहर आना-जाना आसान नहीं है। विशेषकर बरसात के दिनों में कठिनाइयां बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें योजना की जानकारी नहीं थी, लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने घर आकर योजना समझाई, आवेदन भरवाया और लगातार सहयोग किया। इससे उन्हें बिना भागदौड़ के सहायता मिल सकी। उन्होंने योजना का लाभ दिलाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के प्रति आभार व्यक्त किया।

दूरस्थ क्षेत्रों की माताओं तक पहुंच रही योजना – प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना गर्भवती एवं धात्री माताओं के स्वास्थ्य, पोषण और मातृत्व सुरक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। बीजापुर जैसे दूरस्थ एवं आदिवासी बहुल जिले में यह योजना जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान कर रही है।

शशिकला गोटे की कहानी दर्शाती है कि मैदानी कर्मचारियों के समर्पण और संवेदनशीलता से दुर्गम क्षेत्रों में भी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा सकता है। यह पहल सुरक्षित मातृत्व और जरूरतमंद महिलाओं तक शासकीय सहायता पहुंचाने के प्रयासों का उदाहरण है।

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