सरगुजा : महतारी वंदन योजना से सरिता के हुनर को मिला सहारा, सिलाई से परिवार की आजीविका में दे रहीं योगदान

PTV BHARAT 11 OCTOBER 2026 – सरगुजा : महतारी वंदन योजना से सरिता के हुनर को मिला सहारा, सिलाई से परिवार की आजीविका में दे रहीं योगदान

सेवा संकल्प अभियान-2026 के तहत सरगुजा जिले की सरिता तिग्गा की कहानी महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार का उदाहरण बन रही है। अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत मेंड्रा कला निवासी सरिता को सिलाई का हुनर पहले से था, लेकिन जरूरी सामग्री खरीदने के लिए आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की सहायता राशि से वे धागा और अन्य सिलाई सामग्री खरीद रही हैं। घर पर सिलाई का काम कर वे परिवार की आमदनी में योगदान दे रही हैं। पति की मजदूरी से होने वाली आय के साथ उनकी अतिरिक्त कमाई तीन बच्चों के पालन-पोषण और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित हो रही है।

पति करते हैं मजदूरी, सरिता ने सिलाई को बनाया अतिरिक्त आय का जरिया

सरिता तिग्गा बताती हैं कि उनके पति सोमसाय तिग्गा मजदूरी करते हैं। परिवार में तीन बच्चे हैं, जिनकी परवरिश, पढ़ाई और घरेलू जरूरतों की जिम्मेदारी दोनों मिलकर निभाते हैं। सीमित आय के कारण परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में कई बार कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

ऐसे में सरिता ने अपने सिलाई के हुनर को परिवार की आजीविका से जोड़ने का निर्णय लिया। वे घर पर ही सिलाई का काम करती हैं, जिससे घरेलू जिम्मेदारियों के साथ अतिरिक्त आमदनी अर्जित करने का अवसर मिलता है। पति की मजदूरी से घर का खर्च चलाने में मदद मिलती है, जबकि सिलाई से होने वाली कमाई परिवार की अन्य जरूरतों को पूरा करने में सहयोग करती है।

महतारी वंदन के एक हजार रुपये से खरीदती हैं सिलाई सामग्री

सरिता के लिए महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली एक हजार रुपये की सहायता राशि विशेष महत्व रखती है। वे इस राशि का उपयोग सिलाई के लिए धागा और अन्य आवश्यक सामग्री खरीदने में करती हैं।

उन्होंने बताया कि सिलाई का काम नियमित रूप से जारी रखने के लिए समय-समय पर सामग्री की जरूरत होती है। पहले सीमित पारिवारिक आय के बीच इन जरूरतों के लिए पैसे की व्यवस्था करना मुश्किल होता था। अब योजना से मिलने वाली राशि के कारण सिलाई सामग्री खरीदने में सुविधा हो रही है और वे अपना काम लगातार जारी रख पा रही हैं।

घर की जिम्मेदारियों के साथ स्वरोजगार, तीन बच्चों की परवरिश में सहयोग

तीन बच्चों की देखभाल और घरेलू कामकाज के बीच सरिता घर पर ही सिलाई करती हैं। इससे उन्हें परिवार के साथ रहते हुए अपनी मेहनत से आय अर्जित करने का अवसर मिलता है।

उनका कहना है कि घर से सिलाई का काम करने का लाभ यह है कि वे बच्चों की देखभाल और घरेलू जिम्मेदारियां निभाने के साथ परिवार की आमदनी में भी योगदान दे पाती हैं। पति की मजदूरी और सिलाई से होने वाली आय परिवार की जरूरतों को पूरा करने में मदद कर रही है। महतारी वंदन योजना की सहायता राशि उनके इस प्रयास को जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

छोटी आर्थिक सहायता से बढ़ा आत्मविश्वास, हुनर बना आजीविका का सहारा

सरिता तिग्गा के लिए सिलाई केवल घरेलू काम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का माध्यम है। महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि ने उन्हें अपने हुनर का उपयोग कर आय अर्जित करने में सहयोग दिया है।

वे बताती हैं कि हर महीने सहायता राशि मिलने से सिलाई सामग्री की व्यवस्था करना आसान हुआ है। इससे उन्हें अपना काम जारी रखने के लिए परिवार की सीमित आय पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ता। उनका अनुभव दर्शाता है कि महिलाओं के पास उपलब्ध कौशल को आर्थिक सहयोग मिलने पर वह परिवार की आजीविका का उपयोगी साधन बन सकता है।

“महतारी वंदन की राशि से सिलाई का सामान खरीदती हूं, परिवार को भी मिल रही मदद”

सरिता तिग्गा ने बताया कि महतारी वंदन योजना से उन्हें हर महीने एक हजार रुपये मिलते हैं। इस राशि से वे सिलाई के लिए धागा और अन्य जरूरी सामग्री खरीदती हैं। इससे सिलाई का काम जारी रखने में सुविधा होती है और वे घर पर काम करके परिवार की आमदनी में योगदान दे पा रही हैं।

उन्होंने कहा कि योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता उनके लिए उपयोगी साबित हो रही है। इससे घरेलू जिम्मेदारियां निभाने के साथ स्वरोजगार को आगे बढ़ाने में भी सहयोग मिल रहा है।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार

महतारी वंदन योजना से मिल रहे लाभ पर खुशी व्यक्त करते हुए सरिता तिग्गा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि योजना से महिलाओं को आर्थिक संबल मिल रहा है। इस सहायता से वे अपने सिलाई कार्य के लिए आवश्यक सामग्री खरीद पा रही हैं और परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में योगदान दे रही हैं।

महतारी वंदन से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम

सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत सरिता तिग्गा की कहानी महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार का उदाहरण है। सीमित आय वाले परिवार में तीन बच्चों की जिम्मेदारी निभाते हुए उन्होंने सिलाई के हुनर को अतिरिक्त आमदनी का माध्यम बनाया है।

महतारी वंदन योजना से मिलने वाली एक हजार रुपये की मासिक सहायता राशि का उपयोग वे सिलाई सामग्री खरीदने में कर रही हैं। इससे उनका काम जारी रखने में मदद मिल रही है और परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में भी सहयोग मिल रहा है।

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