PTV BHARAT 11 OCTOBER 2026 – सरगुजा : सेवा संकल्प अभियान-2026 के तहत खाली जमीन बनी आजीविका का सहारा, डबरी निर्माण से पहाड़ी कोरवा किसान फूना राम ने शुरू किया मछली पालन
सेवा संकल्प अभियान-2026 के तहत ग्रामीण परिवारों को आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत घंघरी निवासी पहाड़ी कोरवा किसान फूना राम के लिए खाली पड़ी जमीन आजीविका का नया आधार बन गई है। ग्रामीण रोजगार योजना के अंतर्गत जमीन पर आजीविका डबरी का निर्माण होने से उन्होंने मछली पालन शुरू किया है। बारिश के पानी से डबरी भरने के बाद उन्होंने उसमें मछली बीज डाला है। मछलियां तैयार होने पर उनकी बिक्री से परिवार को अतिरिक्त आमदनी मिलने की उम्मीद है।
खाली जमीन पर बनी डबरी, वर्षा जल संरक्षण से मिला आजीविका का अवसर
फूना राम पहाड़ी कोरवा बताते हैं कि उनकी जमीन का एक हिस्सा लंबे समय से खाली पड़ा था। इसका उपयोग किसी आयमूलक गतिविधि के लिए नहीं हो पा रहा था। ग्रामीण रोजगार योजना के अंतर्गत आजीविका डबरी निर्माण की सुविधा मिलने से उन्होंने इस जमीन पर डबरी बनवाई।
वर्षा ऋतु में डबरी में पर्याप्त पानी एकत्रित हुआ। पानी की उपलब्धता को देखते हुए फूना राम ने मछली पालन शुरू करने का निर्णय लिया और डबरी में मछली बीज डाला। इस पहल से वर्षा जल का संचय होने के साथ खाली पड़ी जमीन का उपयोग आजीविका गतिविधि के लिए संभव हुआ है।
मछली पालन से बढ़ेंगे आय के साधन
फूना राम बताते हैं कि डबरी निर्माण से पहले उनकी जमीन का यह हिस्सा खाली पड़ा रहता था। अब वहां पानी का संचय हो रहा है और मछली पालन की गतिविधि शुरू हो गई है। मछलियों के विकसित होने के बाद उन्हें बेचकर आय अर्जित करने की योजना है। इससे परिवार को आजीविका का एक अतिरिक्त साधन मिलने की उम्मीद है।
यह पहल उन्हें अपनी उपलब्ध जमीन और वर्षा जल का बेहतर उपयोग कर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दे रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार की आजीविका डबरियां जल संरक्षण के साथ मछली पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने में सहायक हो सकती हैं।
पहाड़ी कोरवा परिवार को मिला स्वरोजगार का नया अवसर
फूना राम पहाड़ी कोरवा विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय से आते हैं। ग्रामीण रोजगार योजना के अंतर्गत आजीविका डबरी निर्माण से उन्हें मछली पालन जैसी आयमूलक गतिविधि शुरू करने का अवसर मिला है। पहले जिस जमीन से कोई आमदनी नहीं हो रही थी, अब उसी जमीन पर बनी डबरी भविष्य में अतिरिक्त आय का साधन बन सकती है।
उनकी यह पहल दर्शाती है कि ग्रामीण परिवारों को उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने के अवसर मिलने पर वे कृषि के साथ अन्य आजीविका गतिविधियों से भी जुड़ सकते हैं।
“पहले जमीन खाली पड़ी थी, अब डबरी में मछली पालन शुरू किया है”
फूना राम पहाड़ी कोरवा ने बताया कि उनकी जमीन का एक हिस्सा खाली पड़ा था। ग्रामीण रोजगार योजना के तहत वहां आजीविका डबरी का निर्माण कराया गया। बारिश के दौरान डबरी में पानी भरने के बाद उन्होंने मछली बीज डाला है। मछलियां तैयार होने पर उनकी बिक्री से अतिरिक्त आमदनी मिलने की उम्मीद है, जिससे परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिलेगी।
फूना राम डबरी निर्माण से मिले इस अवसर को लेकर खुश हैं। उनके लिए खाली पड़ी जमीन का आजीविका के साधन में बदलना महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
फूना राम पहाड़ी कोरवा ने ग्रामीण रोजगार योजना के अंतर्गत आजीविका डबरी निर्माण से मिले सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि डबरी निर्माण से वर्षा जल का संचय संभव हुआ है और उन्हें मछली पालन शुरू करने का अवसर मिला है। मछलियों की बिक्री से अतिरिक्त आय प्राप्त होने पर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी।
जल संरक्षण से आजीविका संवर्धन तक, बदलाव की मिसाल बनी डबरी
सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत फूना राम पहाड़ी कोरवा की पहल दर्शाती है कि ग्रामीण रोजगार योजना के माध्यम से निर्मित आजीविका डबरी ग्रामीण परिवारों को जल संरक्षण के साथ स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करा सकती है।
अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत घंघरी में खाली पड़ी जमीन पर डबरी निर्माण कर मछली पालन शुरू करने से अब इस भूमि का उपयोग आयमूलक गतिविधि के लिए हो रहा है। मछलियों की बिक्री से भविष्य में मिलने वाली अतिरिक्त आमदनी उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में सहायक हो सकती है। यह पहल जल संरक्षण, उपलब्ध संसाधनों के सदुपयोग और ग्रामीण आजीविका संवर्धन का उदाहरण है।

