PTV BHARAT 14 OCTOBER 2026 – महासमुंद : पीएमएफएमई योजना से राइस मिल में आधुनिक सॉर्टेक्स मशीन लगाने का सपना हुआ साकार
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) छोटे खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों को आधुनिक तकनीक, वित्तीय सहायता और बेहतर बाजार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक सेवा यात्रा का मूल भाव रहा है कि देश का विकास तभी सार्थक है, जब गांव, किसान और छोटे उद्यमी विकास की मुख्यधारा से जुड़कर आत्मनिर्भर बनें। इसी संकल्प के अनुरूप केंद्र सरकार सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
महासमुंद के अमित बंसल की सफलता इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल है। लंबे समय से चना आधारित उत्पादों के व्यवसाय से जुड़े अमित बंसल ने बाद में राइस मिल स्थापित कर खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में अपने व्यवसाय का विस्तार किया। हालांकि, राइस मिल में सॉर्टेक्स मशीन उपलब्ध नहीं होने के कारण चावल की गुणवत्ता प्रभावित हो रही थी और धान के प्रसंस्करण के दौरान काफी नुकसान उठाना पड़ रहा था।
योजना से मिली आधुनिक मशीनरी के लिए वित्तीय सहायता
इस समस्या के समाधान के लिए अमित बंसल को जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, महासमुंद के माध्यम से प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने योजना के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत किया।
आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति के बाद जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र ने उनका प्रकरण भारतीय स्टेट बैंक की पंडरी शाखा, रायपुर को भेजा। बैंक ने कार्रवाई करते हुए 28 लाख 1 हजार 48 रुपये की राशि स्वीकृत कर वितरित की। इस वित्तीय सहायता से अमित बंसल ने अपनी राइस मिल के लिए आधुनिक सॉर्टेक्स मशीन खरीदी और उसे स्थापित कराया।
चावल की गुणवत्ता में सुधार, प्रसंस्करण में नुकसान कम
सॉर्टेक्स मशीन स्थापित होने के बाद राइस मिल में चावल की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। साथ ही, धान के प्रसंस्करण के दौरान होने वाला नुकसान भी काफी कम हो गया है। आधुनिक तकनीक के उपयोग से उत्पादन प्रक्रिया अधिक प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण बनी, जिससे उनके व्यवसाय को मजबूती मिली।
इस मशीन की स्थापना से अमित बंसल ने अपनी इकाई में दो अतिरिक्त लोगों को रोजगार भी प्रदान किया है। इस तरह योजना से मिली सहायता ने उनके व्यवसाय के विस्तार के साथ रोजगार सृजन में भी योगदान दिया है।
आत्मनिर्भर उद्यमी बनने की दिशा में बढ़े कदम
अमित बंसल बताते हैं कि पीएमएफएमई योजना से मिली सहायता ने उनके व्यवसाय को नई दिशा दी है। आधुनिक मशीनरी के उपयोग से उनके उद्यम की कार्यक्षमता और उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार हुआ है, वहीं रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं।
वे इस सहयोग के लिए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार और पीएमएफएमई योजना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि इस सहायता ने उन्हें आत्मनिर्भर उद्यमी बनने और अपने खाद्य प्रसंस्करण व्यवसाय को मजबूत बनाने में सक्षम किया है।

