रायपुर : पत्थरों में जान डालने वाले मूर्तिकार की बेटी के सपनों को मिला नया आकार

PTV BHARAT 27 OCTOBER 2026 – रायपुर : पत्थरों में जान डालने वाले मूर्तिकार की बेटी के सपनों को मिला नया आकार

पत्थरों को तराशकर खूबसूरत मूर्तियों का आकार देने वाले एक पिता की सबसे बड़ी ख्वाहिश है कि उनकी बेटियां पढ़-लिखकर अपना भविष्य संवारें। अपनी कला से दूसरों की आस्था और कल्पनाओं को साकार करने वाले इस पिता की उम्मीदों को अब नई मजबूती मिली है। धमतरी जिले के ग्राम लोहरसी निवासी मूर्तिकार मनोज कुमार गंगबेर की बेटी ऐश्वर्या को छत्तीसगढ़ शासन की मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिली है। इससे परिवार में खुशी और आत्मविश्वास का नया संचार हुआ है।

बेटियां अच्छी शिक्षा प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनें

मनोज कुमार गंगबेर अपनी मेहनत और कलात्मक हुनर से पत्थरों को आकर्षक मूर्तियों में ढालते हैं। मूर्तिकारी ही उनके परिवार की आजीविका का प्रमुख साधन है। काम के ऑर्डर के अनुसार होने वाली आमदनी से घर की जरूरतें पूरी करने के साथ दो बेटियों की शिक्षा का खर्च उठाना उनके लिए आसान नहीं था। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बेटियों की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने देने का संकल्प लिया। उनकी इच्छा थी कि बेटियां अच्छी शिक्षा प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनें और जीवन में आगे बढ़ें।

इसी दौरान श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिक मनोज गंगबेर को मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना की जानकारी मिली। उन्होंने बेटी ऐश्वर्या के लिए आवेदन किया। आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन और पात्रता संबंधी प्रक्रिया पूरी होने के बाद योजना के तहत 20 हजार रुपये की सहायता राशि सीधे ऐश्वर्या के बैंक खाते में अंतरित की गई।

पिता की मेहनत और शासन की योजना से बेटी के सपनों को मिला सहारा

बेटी के खाते में सहायता राशि पहुंचने से परिवार की आर्थिक चिंता कुछ कम हुई है। इस राशि से ऐश्वर्या की शिक्षा संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी। मनोज गंगबेर के लिए यह सहयोग इसलिए भी विशेष है, क्योंकि अब वे अपनी आजीविका के साथ बेटी की पढ़ाई को लेकर अधिक आश्वस्त हैं। जिस पिता के हाथ पत्थरों को सुंदर आकार देते हैं, उन्हीं हाथों की मेहनत से संजोए गए बेटी के सपनों को अब शासन की योजना का सहारा मिला है।

मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना से ऐश्वर्या को मिले 20 हजार रुपये

मनोज कुमार गंगबेर खुशी व्यक्त करते हुए कहते हैं कि मूर्तिकारी से होने वाली सीमित आमदनी में परिवार चलाने के साथ बेटियों की पढ़ाई का खर्च उठाना कठिन होता है। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना से उनकी बेटी ऐश्वर्या को 20 हजार रुपये मिले हैं। इससे उसकी पढ़ाई में मदद मिलेगी और परिवार की चिंता भी कम हुई है। उन्होंने इस सहयोग के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और श्रम विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।

ऐश्वर्या मेहनत से अपने सपनों को साकार करना चाहती है

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में श्रमिक परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में संचालित योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के लिए सहारा बन रही हैं। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना बेटियों को आर्थिक सहयोग प्रदान कर उनके बेहतर भविष्य की राह आसान बना रही है।

लोहरसी की ऐश्वर्या की यह कहानी केवल 20 हजार रुपये की सहायता मिलने की नहीं, बल्कि उस पिता के विश्वास और उम्मीदों को मजबूती मिलने की कहानी है, जो अपनी मेहनत से बेटियों के सपनों को साकार करना चाहता है।

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