PTV BHARAT 09 MAR 2025 नई दिल्ली। Chhattisgarh liquor scam सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग के पूर्व विशेष सचिव अरुण पति त्रिपाठी को कथित छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के मामले में जमानत दे दी है। हालांकि, कोर्ट ने निर्देश दिया कि उन्हें 10 अप्रैल, 2025 को रिहा किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि चल रही जांच प्रभावित नहीं हो। जस्टिस अभय ओक और जस्टिस उज्ज्वल भुयान की पीठ ने कहा कि त्रिपाठी 11 महीने से हिरासत में हैं और उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में मुकदमा शुरू होने की कोई संभावना नहीं। कोर्ट ने राज्य के इस तर्क पर विचार किया कि जांच अभी भी जारी है और इसलिए उनकी रिहाई के लिए 10 अप्रैल तक का समय दिया। कोर्ट ने कहा कि अपीलकर्ता जमानत पर रिहा होने का हकदार है। हालांकि, यह सुनिश्चित करने के लिए कि जांच किसी भी तरह से प्रभावित न हो, हम निर्देश देते हैं कि अपीलकर्ता को संबंधित सत्र न्यायालय द्वारा निर्धारित उचित नियमों और शर्तों के अधीन 10 अप्रैल, 2025 को जमानत पर रिहा किया जाएगा।
पूर्व आबकारी अधिकारी को सुप्रीम कोर्ट से जमानत, मगर नहीं होंगे रिहा
