PTV BHARAT 17 FEBRUARY 2026 नई दिल्ली। बांग्लादेश में लोकतांत्रिक हालात को बहाल करने और कमजोर अल्पसंख्यकों की रक्षा करने में पूरी तरह से नाकाम रहे मोहम्मद यूनुस ने शेख हसीना के तख्तापलट के बाद यूनुस ने अंतरिम सरकार का नेतृत्व किया लेकिन उनके नेतृत्व में बांग्लादेश के भीतर इस्लामिक विद्रोह भड़का और हिंदू अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया गया। कानून और व्यवस्था को लेकर उनकी लगातार आलोचना हुई।अपने भाषण में उन्होंने कहा कि बांग्लादेश ने विदेश नीति में अपनी संप्रभुता, सम्मान और आजादी वापस पा ली है और अब वह दूसरे के निर्देशों पर नहीं चलता है। उनकी इस कथनी को भारत के लिए समझा गया है, जो वर्षों से बांग्लादेश की मदद करता आया।यूनुस ने कहा, “हमारे खुले समुद्र सिर्फ बॉर्डर नहीं हैं, वे ग्लोबल इकॉनमी के गेटवे हैं। नेपाल, भूटान और सेवन सिस्टर्स के साथ इस इलाके में बहुत ज्यादा आर्थिक क्षमता है। इकॉनमिक जोन, ट्रेड एग्रीमेंट और ड्यूटी-फ्री मार्केट एक्सेस हमें ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर बना सकते हैं।”इस तरह की बातों से नई दिल्ली में हैरानी हो सकती है। सालों से, भारत ने अपने नॉर्थ-ईस्ट को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने के लिए बांग्लादेश के जरिए कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स में भारी इन्वेस्ट किया है।
यूनुस के आखिरी भाषण में किया सेवन सिस्टर्स का जिक्र
