‘राजा शिवाजी’ 1 मई को थिएटर्स में रिलीज

PTV BHARAT 01 MAY 2026 एजेंसी  मुंबई। एक छोटा सा बच्चा मुगलों, निजामशाही और आदिलशाही का झंड़ा देखकर अपने झंडे के बारे में पूछता है, जवाब मिलता है कि उसके लिए स्वराज्य चाहिए। वो सपना फिर महासंग्राम का रूप लेता है, जब मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज अपना जीवन हिंदवी स्वराज्य को पाने के लिए समर्पित करते हैं। उनके बचपन से लेकर अफजल खान को ढेर करने तक की कहानी अभिनेता रितेश देशमुख पूरे सम्मान के साथ फिल्म राजा शिवाजी में लेकर आए हैं। कहानी शुरू होती है दक्कन को पाने की मुगलों, निजामशाही और आदिलशाह की नापाक चाह से, जिसे पूरा करने के लिए वह लोगों पर हर तरह के जुल्म ढाते हैं। लखुजी राव जाधव (महेश मांजरेकर) और शाहजी राजे भोसले (सचिन खेड़ेकर) निजमाशाही में काम करते हैं। उन्हें आदिलशाह और मुगल अपनी तरफ लेने का प्रयास करते हैं, ताकि वह उनके जरिए दक्कन पर कब्जा कर पाए। इसी बीच शाहजी के दोनों बेटे संभाजी राजे (Abhishek Bachchan) और शिवाजी राजे (Riteish Deshmukh)) गुलामी के सामने सिर झुकाने से इनकार करते हैं। आदिलशादी में काम कर रहा अफजल खान (Sanjay Dutt), मोहमम्द आदिल शाह (अमोल गुप्ते) के इशारे पर शिवाजी राजे और संभाजी राजे को खत्म करना चाहता है, क्योंकि दोनों गुलामी की बेड़ियों को तोड़कर अपनी जमीन को फिर से हासिल कर रहे होते हैं। आगे क्या होता है, उसके लिए फिल्म देखनी होगी। शिवाजी राजे के बचपन से लेकर अफजल खान को मार गिराने तक की भव्य कहानी में उनकी दस साल की रिसर्च दिखती है। मराठी और हिंदी में रिलीज हुई इस फिल्म का प्रोडक्शन वैल्यू शानदार है। भव्य सेट हैं, युद्ध के दृश्य रोंगटे खड़े करते हैं, क्लाइमेक्स, जिसमें अफजल धोखे से छत्रपति शिवाजी महाराज को मारने की कोशिश करता है, दमदार है। इतने सारे पात्रों के बीच भी रितेश की निर्देशन पर पकड़ मजबूत है, वह किसी भी पात्र को खोने नहीं देते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *