PTV BHARAT 08 MAY 2026 एजेंसी –नई दिल्ली। चीन ने पहली बार स्वीकार किया है कि उसने पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष के दौरान पाकिस्तान को सीधे तकनीकी सहयोग दिया था। यह खुलासा साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट में किया गया है।भारत में इस सैन्य कार्रवाई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के नाम से जाना गया था। 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था। इसके जवाब में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाकर पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकियों के नौ ठिकानों पर हमला किया था। भारत के मुताबिक इस कार्रवाई में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए थे। रिपोर्ट के अनुसार चीन के सरकारी चैनल सीसीटीवी को दिए इंटरव्यू में एविएशन इंडस्ट्री कॉरपोरेशन ऑफ चाइना (AVIC) के इंजीनियरों ने माना कि उन्होंने संघर्ष के दौरान पाकिस्तान को मौके पर तकनीकी सहायता दी थी। इसे पहली बार चीन की ओर से आधिकारिक स्वीकारोक्ति माना जा रहा है।एवीआईसी के चेंगदू एयरक्राफ्ट डिजाइन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के इंजीनियर झांग हेंग ने बताया कि वह उन लोगों में शामिल थे, जिन्होंने पाकिस्तान को तकनीकी सहायता दी। यह संस्थान चीन के आधुनिक लड़ाकू विमान और ड्रोन विकसित करने के लिए जाना जाता है।झांग हेंग ने कहा कि सपोर्ट बेस पर लगातार लड़ाकू विमानों की आवाज सुनाई देती थी और एयर रेड सायरन बजते रहते थे। उन्होंने बताया कि मई महीने में सुबह होते-होते तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता था और वहां काम करना मानसिक व शारीरिक रूप से बेहद कठिन था।उन्होंने कहा कि उनकी टीम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि पाकिस्तान को दिए गए चीनी हथियार पूरी क्षमता के साथ काम करें। झांग के मुताबिक यह केवल जे-10सीई लड़ाकू विमान की सफलता नहीं थी, बल्कि दोनों देशों के बीच बने गहरे सहयोग का भी प्रमाण था।
ऑपरेशन सिंदूर में चीन की सीधी भूमिका कबूल पाकिस्तान को तकनीकी मदद देने की बात मानी
