PTV BHARAT 2 JULY 2026 रायपुर : बीजापुर के मत्स्य पालन केंद्र को बनाया जाएगा प्रशिक्षण केंद्र – कृषि विकास एवं किसान कल्याण, जैव प्रौद्योगिकी, मत्स्य पालन एवं पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम ने बीजापुर जिले के मत्स्य पालन केंद्र का निरीक्षण कर इसे भविष्य में आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस केंद्र में आसपास के किसानों को मत्स्य पालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार और आजीविका से जोड़ा जाएगा, जिससे जिले में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
मंत्री रामविचार नेताम ने हैचरी में संचालित मत्स्य उत्पादन गतिविधियों का अवलोकन किया और विभागीय अधिकारियों से केंद्र की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने लगभग 1.50 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस केंद्र को जिले के किसानों के लिए आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण का मॉडल केंद्र बनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में मंत्री ने मत्स्य पालकों को विभागीय योजनाओं के तहत सामग्री का वितरण करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं का लाभ पहुंचाना नहीं, बल्कि लोगों को स्थायी आजीविका और आत्मनिर्भरता से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि बस्तर का प्राकृतिक वातावरण कृषि और मत्स्य पालन के लिए अत्यंत अनुकूल है। उन्होंने फल, फूल, कोदो, कुटकी और रागी जैसी फसलों के उत्पादन के साथ जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की बात कही। साथ ही स्व-सहायता समूहों को तालाबों की स्वीकृति देकर मत्स्य पालन और बकरी पालन जैसी गतिविधियों के विस्तार पर भी जोर दिया।
मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से बस्तर के लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के लिए भी प्रभावी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान स्व-सहायता समूहों के सदस्यों ने मंत्री के समक्ष अपनी समस्याएं और सुझाव रखे। ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र में पशु औषधालय की स्थापना तथा पशुपालन विभाग की सेवाओं को मजबूत करने की मांग की। इस पर मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने की बात कही।
इस अवसर पर अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मांडवी, व्यंकट, घासीराम नाग, सिदार कोमल, राहुल देव, श्रीनिवास मुदलियार, विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
