​रायपुर : ​जलवायु परिवर्तन के दौर में किसानों के लिए वरदान बनेगी ग्राफ्टेड सब्जी: धमतरी में वैज्ञानिक प्रशिक्षण संपन्न

PTV BHARAT 4 JULY 2026 रायपुर : जलवायु परिवर्तन के दौर में किसानों के लिए वरदान बनेगी ग्राफ्टेड सब्जी, धमतरी में वैज्ञानिक प्रशिक्षण संपन्न – खरीफ और रबी मौसम में बदलती जलवायु की चुनौतियों के बीच किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें कम लागत में सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादन दिलाने के उद्देश्य से धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के ग्राम केरेमुड़ा में ग्राफ्टेड (कलमी) टमाटर और बैंगन की वैज्ञानिक खेती पर एक दिवसीय ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला पंचायत के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण का संचालन प्रदान (PRADAN) संस्था द्वारा किया गया।

प्रशिक्षण में नगरी और मगरलोड विकासखंड की कृषि सखियों, मास्टर ट्रेनर्स तथा बड़ी संख्या में स्थानीय किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को ग्राफ्टेड सब्जी उत्पादन की आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों से परिचित कराकर जलवायु-अनुकूल, टिकाऊ और अधिक लाभकारी खेती के लिए प्रेरित करना था।

1 लाख से अधिक ग्राफ्टेड पौधों का वितरण

अधिकारियों ने बताया कि आजीविका मिशन के तहत नगरी विकासखंड में किसानों को कुल 1 लाख 1 हजार 800 ग्राफ्टेड पौधों का वितरण किया गया है। इनमें 51 हजार 800 ग्राफ्टेड टमाटर तथा 50 हजार ग्राफ्टेड बैंगन के पौधे शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार ग्राफ्टेड पौधों की जड़ प्रणाली अधिक मजबूत होती है, जिससे इनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है। ये पौधे प्रतिकूल मौसम में भी बेहतर वृद्धि करते हैं और अधिक उत्पादन देते हैं, जिससे किसानों को बेहतर आय प्राप्त होती है।

ग्राफ्टिंग तकनीक से बढ़ेगी पैदावार

विशेषज्ञों ने बताया कि ग्राफ्टिंग एक वैज्ञानिक तकनीक है, जिसमें एक पौधे के मजबूत जड़ वाले हिस्से पर अधिक उत्पादन देने वाले पौधे के ऊपरी हिस्से को जोड़कर नया पौधा तैयार किया जाता है। इससे फसलों में रोग कम लगते हैं और पैदावार सामान्य पौधों की तुलना में काफी अधिक होती है।

खेत में दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण

प्रशिक्षण के दौरान किसानों को खेत में ही भूमि की तैयारी, पौधों का उपचार, वैज्ञानिक तरीके से रोपण, मल्चिंग, नमी संरक्षण तथा जैविक खेती की तकनीकों का लाइव प्रदर्शन कराया गया। कृषि विशेषज्ञों ने समेकित कीट एवं रोग प्रबंधन (आईपीएम), मृदा स्वास्थ्य, जैव उर्वरकों के उपयोग तथा फसल कटाई के बाद प्रबंधन की जानकारी भी दी। संवाद सत्र में किसानों की समस्याओं का वैज्ञानिक समाधान भी बताया गया।

एफपीओ और प्रदान संस्था की महत्वपूर्ण भूमिका

इस पहल को सफल बनाने में गट्टासिल्ली फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी (एफपीओ) ने किसानों को उन्नत ग्राफ्टेड पौधे और आवश्यक जैविक सामग्री उपलब्ध कराई। वहीं प्रदान संस्था द्वारा कृषि सखियों और किसानों को पूरे फसल चक्र के दौरान तकनीकी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

जिला पंचायत धमतरी के मार्गदर्शन में प्रशासन, एफपीओ और प्रदान संस्था की यह संयुक्त पहल नगरी और मगरलोड विकासखंड में आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल एवं टिकाऊ खेती का नया मॉडल प्रस्तुत कर रही है। इससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ ग्रामीण आजीविका और स्थानीय पोषण सुरक्षा को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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