रायपुर : धान के कटोरे में महकने लगी औषधियों की खुशबू

PTV BHARAT 14 JULY 2026 रायपुर : धान के कटोरे में महकने लगी औषधीय खेती, 12 हजार किसानों को मिला प्रशिक्षण – छत्तीसगढ़ में पारंपरिक धान की खेती के साथ अब औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। वन विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड की पहल से किसानों को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देकर आय बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

पिछले दो वित्तीय वर्षों 2024-25 और 2025-26 के दौरान राज्य के 12,041 किसानों को प्रशिक्षण और अध्ययन भ्रमण के माध्यम से औषधीय खेती का व्यावहारिक ज्ञान दिया गया। इनमें 7,633 किसानों को वैज्ञानिक खेती, मिट्टी परीक्षण, जैविक खाद, फसल प्रबंधन, मूल्य संवर्धन, पैकेजिंग और विपणन का प्रशिक्षण दिया गया, जबकि 4,408 किसानों को सफल औषधीय फार्मों का अध्ययन भ्रमण कराया गया।

प्रशिक्षण के बाद धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, बिलासपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और कोरिया सहित कई जिलों के किसान ब्राह्मी, वच, लेमनग्रास, खस और पचौली जैसी औषधीय एवं सुगंधित फसलों की खेती अपना रहे हैं।

धमतरी जिले की महिला स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष दुलारी बाई निषाद ने बताया कि पहले वे केवल धान की खेती पर निर्भर थीं, लेकिन प्रशिक्षण के बाद औषधीय पौधों की खेती शुरू करने से उन्हें बेहतर बाजार और अधिक आय मिलने लगी है।

इस पहल का उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना, बिचौलियों पर निर्भरता कम करना, स्थानीय रोजगार बढ़ाना और छत्तीसगढ़ को औषधीय एवं हर्बल खेती के प्रमुख राज्यों में स्थापित करना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *