कोरिया : ’ग्रामीण संस्कृति और स्थानीय संसाधन से महिलाओं के कौशल से बन रही राखी’

PTV BHARAT 17 AUGUST 2026 – कोरिया : ग्रामीण संस्कृति और स्थानीय संसाधनों से महिलाओं के कौशल से बन रही राखियां – भाई-बहन के अनूठे प्रेम और सुरक्षा के बंधन का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार अब आने को है। इसे लेकर स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने बड़ी संख्या में लोकल उत्पाद तैयार किए हैं, जो कोरिया में बाजार में भी उपलब्ध होंगे। रक्षाबंधन पर्व को लेकर ब्लॉक बैकुंठपुर की महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

20 अगस्त से उत्पाद बाजार में

जनपद बैकुंठपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत मझगंवा की प्रगति महिला समूह एवं ग्राम पंचायत आमगांव की बजरंग महिला समूह की दीदियों द्वारा अपने हुनर और रचनात्मकता से आकर्षक एवं डिजाइनर राखियां तैयार की जा रही हैं। आगामी 20 अगस्त से ये उत्पाद मुख्यालय बैकुंठपुर के स्थानीय बाजार में विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगे।

स्थानीय संसाधनों से तैयार हो रही आकर्षक राखियां

स्व-सहायता समूहों की महिलाएं धान, चावल, स्टोन, रेसीन जैसी सामग्रियों का उपयोग कर सुंदर एवं आकर्षक राखियां बना रही हैं। इन राखियों में ग्रामीण संस्कृति के साथ स्थानीय संसाधनों और महिलाओं की कला-कौशल का अनूठा मेल देखने को मिल रहा है।

त्योहार बना महिलाओं के लिए आय का अवसर

जिला पंचायत कोरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी योगेंद्र श्रीवास ने बताया कि राखियों को तैयार करने का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ते हुए उनकी आय में वृद्धि करना और स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है। समूह की दीदियां पूरे उत्साह के साथ अपने उत्पाद तैयार कर रही हैं, जिन्हें बाजार में आकर्षक दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा।

‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा

कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने कहा कि स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों के उपयोग के लिए सभी को आगे आना चाहिए। उन्होंने कोरियावासियों से अपील की कि वे महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों द्वारा तैयार की गई राखियां खरीदकर स्थानीय महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने में सहयोग करें।

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