PTV BHARAT 21 AUGUST 2026 राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), रायपुर ने 21 अगस्त 2026 को नवप्रवेशी प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए “ओरिएंटेशन (दीक्षांत) कार्यक्रम” का आयोजन किया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रेक्षागृह में आयोजित इस समारोह से पूर्व संस्थान परिसर में नवनिर्मित अकादमिक एवं खेल ढांचागत सुविधाओं का उद्घाटन किया गया।उद्घाटन समारोह का नेतृत्व एनआईटी रायपुर के अध्यक्ष (बोर्ड ऑफ गवर्नर्स) डॉ. सुरेश हावरे ने किया। इस अवसर पर भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) के निदेशक (माइनिंग एंड कंस्ट्रक्शन) श्री संजय सोम; ओएनजीसी के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक तथा एनआईटी रायपुर के पूर्व अध्यक्ष (बीओजी) श्री सुधीर वासुदेव; ओएनजीसी के निदेशक (मानव संसाधन) श्री मनीष पाटिल; एनआईटी रायपुर के निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव; एल्युमनी एसोसिएशन जीईसी-एनआईटी रायपुर के अध्यक्ष श्री उमेश चितलांगिया और अधिष्ठाता (कॉर्पोरेट रिलेशंस एंड रिसोर्स मोबिलाइजेशन) डॉ. शुभाशीष सन्याल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।संस्थान को समर्पित की गई सुविधाओं में तेल और प्राकृतिक गैस निगम लिमिटेड (ओएनजीसी) के ₹94 लाख के वित्तीय सहयोग से विकसित स्मार्ट क्लासरूम शामिल हैं, जो वातानुकूलन इकाइयों, स्मार्ट बोर्डों, प्रोजेक्टरों और अन्य आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। इसके अलावा, भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) के ₹30 लाख के सहयोग से विकसित वॉलीबॉल और बास्केटबॉल मैदानों का भी औपचारिक उद्घाटन किया गया, जिनमें थ्री-लेयर कोटिंग और उच्च गुणवत्ता वाली टर्फ की सुविधा है।स्वागत भाषण देते हुए निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव ने राष्ट्रीय स्तर पर एनआईटी रायपुर की स्थिति को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप संचालित स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट पाठ्यक्रमों को मिलाकर संस्थान की कुल प्रवेश क्षमता 5,938 है। उन्होंने नवागत विद्यार्थियों से जिज्ञासा बनाए रखने और कक्षा की सीमाओं से परे जाकर सीखने का आह्वान किया।इस अवसर पर डॉ. सुरेश हावरे द्वारा लिखित पुस्तक “एनआईटी रायपुर: ए लेगेसी ऑफ एक्सीलेंस” का औपचारिक विमोचन भी किया गया। सभा को संबोधित करते हुए डॉ. हावरे ने “आइडिया ही पावर है” का संदेश देते हुए नवाचार पर बल दिया। उन्होंने गर्व व्यक्त करते हुए बताया कि स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय की विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में एनआईटी रायपुर के 15 प्रोफेसर शामिल हैं। साथ ही, संस्थान के पूर्व छात्रों ने इसरो के चंद्रयान अभियानों और परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए ओएनजीसी के निदेशक (मानव संसाधन) श्री मनीष पाटिल ने तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ सॉफ्ट स्किल्स, टीम वर्क और व्यावसायिक समझ के महत्व पर प्रकाश डाला। बीईएमएल के निदेशक (माइनिंग एंड कंस्ट्रक्शन) श्री संजय सोम ने कहा कि तकनीकी संस्थान विद्यार्थियों में चरित्र, धैर्य और समस्या-समाधान की क्षमता का निर्माण करते हैं जो औद्योगिक नेतृत्व के लिए आवश्यक हैं। ओएनजीसी के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री सुधीर वासुदेव और एल्युमनी एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री उमेश चितलांगिया ने भी विचार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को व्यावहारिक समस्या-समाधान, मार्गदर्शन और निरंतर सीखने पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी।
एनआईटी रायपुर ने 2026 बैच के प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया; ओएनजीसी स्मार्ट क्लासरूम और बीईएमएल खेल सुविधाओं का किया उद्घाटन
