धमतरी : जिले में बैंकिंग योजनाओं के लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करें : कलेक्टर अबिनाश मिश्रा

PTV BHARAT 21 AUGUST 2026 – धमतरी : जिले में बैंकिंग योजनाओं के लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करें – कलेक्टर अबिनाश मिश्रा – कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीएलसीसी) की तिमाही समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही की बैंकिंग प्रगति, शासकीय योजनाओं से जुड़े ऋण प्रकरण, किसान क्रेडिट कार्ड, जनसुरक्षा एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, आधार सीडिंग तथा एनआरएलएम की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

कलेक्टर ने कहा कि शासकीय योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य पात्र हितग्राहियों तक समय पर वित्तीय सहायता पहुंचाना है। बैंकों को कृषि के साथ उद्यानिकी, मत्स्य पालन और पशुपालन से जुड़े ऋण प्रकरणों पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने शासकीय योजनाओं से जुड़े ऋण प्रकरणों को प्राथमिकता से स्वीकृत करने और प्रकरणों को अस्वीकृत करने के कारणों की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए। सीडी रेशियो बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया।

कमजोर और प्राथमिकता वाले वर्गों को ऋण देने में तेजी

कलेक्टर ने बैंक अधिकारियों को पात्र हितग्राहियों के ऋण प्रकरणों का पारदर्शी और समयबद्ध परीक्षण करने तथा अनावश्यक कारणों से प्रकरण लंबित या वापस नहीं करने के निर्देश दिए।

अल्पसंख्यक समुदाय के लिए निर्धारित 10 प्रतिशत लक्ष्य के विरुद्ध 2.66 प्रतिशत तथा DRI क्षेत्र में निर्धारित 1 प्रतिशत लक्ष्य के विरुद्ध 0.02 प्रतिशत उपलब्धि पर विशेष चिंता जताते हुए इन क्षेत्रों में ऋण वितरण बढ़ाने को कहा गया। प्राथमिकता क्षेत्र ऋण के निर्धारित लक्ष्यों की भी शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

लंबित ऋण प्रकरणों के लिए तय हुई समय-सीमा

कलेक्टर ने Enterprise Finance योजना के लंबित प्रकरणों का एक सप्ताह के भीतर निराकरण करने को कहा। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र द्वारा भेजे गए PMFME के 66 लंबित प्रकरणों पर उन्होंने नाराजगी जताई और शीघ्र निर्णय लेने के निर्देश दिए।

किसान क्रेडिट कार्ड के तहत पशुपालन के 113 और मत्स्य पालन के 88 लंबित प्रकरणों का भी प्राथमिकता से निराकरण करने को कहा गया। इसके अलावा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री अजय योजना के 119 तथा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के स्वीकृति और वितरण के लिए लंबित 135 प्रकरणों पर भी तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

पशुपालन और मत्स्य पालन से जुड़े मामलों को अनुचित कारणों से वापस नहीं करने और आवश्यकता पड़ने पर विभागीय अधिकारियों के साथ संयुक्त निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।

PNB नगरी शाखा पर जताई नाराजगी

पंजाब नेशनल बैंक की नगरी शाखा में शासकीय योजनाओं से जुड़े 73 प्रकरण लंबित पाए गए। इनमें प्रकरणों को अनुचित कारणों से वापस किए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। शाखा प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा 27 अगस्त 2026 तक सभी लंबित प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ेंगी बैंकिंग सुविधाएं

जिले में सात नई बैंक शाखाओं के प्रस्तावों की समीक्षा की गई। अकलाडोंगरी, कचना, परखंदा, सिलोटी, सिंगपुर, गट्टासिल्ली और बोरई में शाखाएं प्रस्तावित हैं। सिंगपुर में सितंबर में शाखा शुरू करने की तैयारी है, जबकि बोरई में भारतीय स्टेट बैंक द्वारा सर्वे किया गया है।

कलेक्टर ने इंडियन बैंक और यूको बैंक की प्रस्तावित शाखाओं के मामलों को राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में शामिल कराने के लिए आवश्यक पत्राचार करने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार हो सके।

ऋण-जमा अनुपात 67.98 प्रतिशत

नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक दिलीप दामानी ने बताया कि जिले का ऋण-जमा अनुपात 67.98 प्रतिशत है, जो निर्धारित 60 प्रतिशत लक्ष्य से अधिक है। इसे मार्च 2029 तक 70 से 80 प्रतिशत के स्तर तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयास करने का आग्रह किया गया।

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित कृषि ऋण आउटरीच कार्यक्रम में करीब 71.49 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए जाने पर बैठक में प्रसन्नता व्यक्त की गई। कलेक्टर ने अन्य बैंकों को भी विशेष ऋण शिविर और आउटरीच कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि किसान, महिला स्व-सहायता समूह, उद्यमी और अन्य पात्र हितग्राही अधिकाधिक लाभान्वित हो सकें।

सामाजिक सुरक्षा और बैंकिंग दायित्वों पर भी जोर

कलेक्टर ने अटल पेंशन योजना के लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से जुड़ी शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण करने तथा CG Dial-112 के प्रचार के लिए बैंक परिसरों और एटीएम में निर्धारित पोस्टर एवं पम्फलेट लगाने के निर्देश दिए गए।

NRLM के अंतर्गत स्व-सहायता समूहों के बैंक क्रेडिट लिंकेज, महिला उद्यमी ऋण योजना, बैंक सखियों के मानदेय तथा PMJJBY और PMSBY के लंबित दावा प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर भी जोर दिया गया। बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा SHG ऋण खातों में लगाए गए अतिरिक्त ब्याज की राशि नियमानुसार वापस करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में NRLM जिला परियोजना प्रबंधक जय वर्मा, आरबीआई रायपुर के प्रबंधक अविनाश टोप्पो, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक दिलीप दामानी, अग्रणी जिला प्रबंधक इंद्र कुमार टिलवानी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और जिले के बैंकों के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।

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