PTV BHARAT 24 AUGUST 2026 – सुकमा : कलेक्टर ने परखी डिजिटल गिरदावरी और आयुष्मान शिविरों की जमीनी हकीकत – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप सुकमा जिला प्रशासन दूरस्थ वनांचलों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए मैदानी स्तर पर लगातार काम कर रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर अमित कुमार ने छिंदगढ़ विकासखंड के पालेम, कावराकोपा, पेरमारास और टाहकवाड़ा का दौरा कर योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लिया।
कलेक्टर ने स्वयं किया आयुष्मान कार्ड पंजीयन
पालेम पंचायत में आयोजित आयुष्मान कार्ड शिविर में कलेक्टर ने पंजीयन प्रक्रिया का निरीक्षण किया। दस्तावेज और प्रक्रिया की जानकारी लेने के बाद उन्होंने स्वयं कंप्यूटर पर बैठकर हितग्राही देवे वेट्टी का आयुष्मान कार्ड के लिए पंजीयन किया।
उन्होंने पोर्टल पर आवश्यक जानकारी दर्ज करने के साथ हितग्राही का फोटो भी स्वयं लिया। कलेक्टर ने ग्रामीणों से अधिक से अधिक संख्या में आयुष्मान योजना से जुड़कर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लेने की अपील की।
डिजिटल गिरदावरी का मौके पर निरीक्षण
कावराकोपा में कलेक्टर ने डिजिटल क्रॉप सर्वे यानी डिजिटल गिरदावरी का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से सर्वे की प्रक्रिया और प्रगति की जानकारी ली।
उन्होंने बताया कि खेतों में जाकर फसल की स्थिति का जियो-टैग्ड फोटो लेकर उसे ऑनलाइन अपलोड करने से गिरदावरी में पारदर्शिता बढ़ती है। इससे वास्तविक फसल की जानकारी दर्ज करने और गलत प्रविष्टियों की संभावना कम करने में मदद मिलती है।
पेरमारास और टाहकवाड़ा में आयुष्मान शिविरों की समीक्षा
कलेक्टर ने एसडीएम छिंदगढ़ पी.वी. खेस की मौजूदगी में पेरमारास और टाहकवाड़ा में आयोजित मेगा आयुष्मान शिविरों का भी निरीक्षण किया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पंजीयन के दौरान ग्रामीणों को किसी तरह की परेशानी न हो और सभी पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाए।
दूरस्थ गांवों तक पहुंच रही स्वास्थ्य सुरक्षा
छिंदगढ़ विकासखंड के विभिन्न गांवों में मेगा आयुष्मान शिविर लगाकर पात्र ग्रामीणों के कार्ड बनाए जा रहे हैं। कलेक्टर की सक्रिय मैदानी मौजूदगी से प्रशासनिक अमले में भी सक्रियता बढ़ी है और ग्रामीणों का सरकारी योजनाओं के प्रति भरोसा मजबूत हुआ है।
डिजिटल गिरदावरी और आयुष्मान शिविरों की यह निगरानी बताती है कि स्वास्थ्य और कृषि से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में केवल कार्यालयी समीक्षा नहीं, बल्कि मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच पर भी जोर दिया जा रहा है।

