PTV BHARAT 25 AUGUST 2026 – रायगढ़ : बीज राखियों से सजेगा रक्षाबंधन, स्नेह के साथ मिलेगा हरियाली का संदेश – रायगढ़ जिले में इस बार रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देगा। बिहान से जुड़ी स्व-सहायता समूह की महिलाएं धान, मक्का, बरबट्टी, लौकी, करेला, सेमी, कुम्हड़ा, भिंडी, उड़द, मसूर और मूंगफली जैसे स्थानीय बीजों से आकर्षक बीज राखियां तैयार कर रही हैं।
राखी के साथ रोजगार का नया अवसर
बीज राखियां तैयार करना स्व-सहायता समूह की महिलाओं के लिए अतिरिक्त आय और स्वरोजगार का अवसर भी बन रहा है। स्थानीय बीज और महिलाओं के पारंपरिक हुनर को जोड़कर कम लागत में पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।
सातों विकासखंडों में हुई प्रतियोगिता
बीज राखी निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए जिले के सातों विकासखंडों में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें उत्कृष्ट राखियां तैयार करने वाली महिलाओं का चयन किया गया।
चयनित महिलाओं ने जिला कलेक्टोरेट पहुंचकर कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी सहित अधिकारियों को अपने हाथों से तैयार बीज राखियां पहनाईं। कलेक्टर ने महिलाओं को प्रशस्ति पत्र और उपहार देकर सम्मानित किया।
मिट्टी में दबाने पर बन सकती है पौध
बीज राखियों की सबसे खास बात यह है कि रक्षाबंधन के बाद इन्हें मिट्टी में दबाने पर राखी में मौजूद बीज अंकुरित होकर पौधे का रूप ले सकते हैं।
कम लागत, आकर्षक डिजाइन और पर्यावरण-अनुकूल स्वरूप के कारण बीज राखियों की मांग बढ़ रही है। इससे रक्षाबंधन के पारंपरिक स्नेह के साथ प्रकृति संरक्षण और हरियाली का संदेश भी जुड़ रहा है।
स्थानीय हुनर से आत्मनिर्भरता
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप स्व-सहायता समूह की महिलाओं को नवाचार, सशक्तिकरण और आजीविका से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय संसाधनों और अपने हुनर का इस्तेमाल कर महिलाएं आय के नए साधन विकसित कर रही हैं।
बीज राखियां इसी सोच का उदाहरण हैं—राखी की डोर के साथ हरियाली की नई शुरुआत।

