बीजापुर : बहनों की तरक्की बनी परिवार की शान, महतारी वंदन से लख्मी ने संवारी आत्मनिर्भरता की राह

PTV BHARAT 25 AUGUST 2026 – बीजापुर : बहनों की तरक्की बनी परिवार की शान, महतारी वंदन से लख्मी ने संवारी आत्मनिर्भरता की राह – बीजापुर शहर के भट्टीपारा की 30 वर्षीय लख्मी नाग ने महतारी वंदन योजना की आर्थिक सहायता को बचत और मेहनत से जोड़कर परिवार की आय बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

महतारी वंदन की राशि से शुरू की किराना दुकान

लख्मी अपनी 65 वर्षीय सास लक्ष्मी नाग और 8 वर्षीय बेटे के साथ संयुक्त परिवार में रहती हैं। परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में पहले कठिनाइयां आती थीं। महतारी वंदन योजना के तहत लख्मी और उनकी सास दोनों को प्रतिमाह ₹1,000-₹1,000 की सहायता मिलती है।

दोनों ने राशि को खर्च करने के बजाय नियमित रूप से बचाया और इसी बचत से घर के सामने छोटी किराना दुकान शुरू की। दुकान अब परिवार के लिए अतिरिक्त आय का साधन बन रही है।

दुकान में स्थानीय संस्कृति की भी झलक

लख्मी और उनकी सास ने किराना सामान के साथ महिलाओं की जरूरत की फैंसी सामग्री भी रखना शुरू किया है। दुकान में मिट्टी के गमले, दीये और बस्तर की पारंपरिक बांस की टोकनियां भी उपलब्ध हैं।

इससे रोजमर्रा की जरूरतों के साथ स्थानीय कला और संस्कृति को भी बाजार मिल रहा है।

बेटे की पढ़ाई के लिए मजबूत हुआ आधार

लख्मी अपने 8 वर्षीय बेटे को बीजापुर के सेंट थॉमस स्कूल में पढ़ा रही हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार से अब उसके बेहतर भविष्य और शिक्षा को लेकर उनका भरोसा भी मजबूत हुआ है।

छोटी बचत से बड़ा बदलाव

लख्मी और उनकी सास की कहानी बताती है कि नियमित आर्थिक सहायता को बचत और मेहनत से जोड़कर छोटे स्तर का व्यवसाय भी परिवार की आर्थिक स्थिति बदल सकता है।

महतारी वंदन की राशि ने उनके लिए केवल खर्च का साधन बनने के बजाय स्वरोजगार, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की शुरुआत का रास्ता तैयार किया है।

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