कोरिया : ’सेवा की कहानी’ : सेवा से समृद्धि की ओर बढ़ता कोरियाः मत्स्य पालन से 25 सदस्यों को मिला आत्मनिर्भरता का संबल

PTV BHARAT 26 SEPTEMBER –कोरिया : ’सेवा की कहानी’ : सेवा से समृद्धि की ओर बढ़ता कोरियाः मत्स्य पालन से 25 सदस्यों को मिला आत्मनिर्भरता का संबल – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आजीविका को मजबूत कर रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के हितग्राहियों तक पहुंचाने के प्रयासों से कोरिया जिले में भी आत्मनिर्भरता की नई तस्वीर सामने आ रही है। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से ऐसी ही प्रेरक कहानियों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

ग्राम पुटा की मछुआ सहकारी समिति मर्यादित के अध्यक्ष नीरज एवं हितग्राही पदमेश चक्रधारी और समिति के 25 सदस्यों की कहानी इसी बदलाव की मिसाल है। कभी केवल कृषि पर निर्भर रहने वाले समिति के सदस्यों ने मत्स्य पालन को अतिरिक्त आजीविका के रूप में अपनाया और सरकारी योजना के सहयोग से अपनी आय बढ़ाने में सफलता हासिल की।

कृषि के साथ मत्स्य पालन को बनाया आय का अतिरिक्त साधन

पदमेश चक्रधारी बताते हैं कि पहले उनकी आजीविका मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर थी। कृषि से होने वाली आय सीमित होने के कारण परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में कठिनाई आती थी। ऐसे में आय का अतिरिक्त साधन तलाशते हुए उन्होंने ग्राम के शासकीय जलाशय को 10 वर्षीय पट्टे पर लेकर मत्स्य पालन शुरू किया।

मत्स्य पालन विभाग की ‘मत्स्य पालन प्रसार’ योजना के अंतर्गत समिति को शत-प्रतिशत अनुदान पर 25 लाख स्पान मत्स्य बीज, 6 हजार का आइस-बॉक्स और 40 हजार मूल्य का गिलनेट उपलब्ध कराया गया। साथ ही पट्टा राशि में भी नियमानुसार अनुदान का लाभ दिया गया। विभागीय मार्गदर्शन से मत्स्य बीज का संवर्धन कर जलाशय में संचयन किया गया, जिससे मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा मिला।

1.98 लाख से बढ़कर 5.04 लाख रुपये हुई वार्षिक आय

योजना से पहले समिति की अनुमानित आय लगभग 16,500 प्रतिमाह यानी 1.98 लाख वार्षिक थी। मत्स्य पालन को व्यवस्थित रूप से अपनाने और विभागीय सहयोग मिलने के बाद वर्तमान आय लगभग 42,000 प्रतिमाह यानी 5.04 लाख वार्षिक तक पहुंच गई है।

आय में इस वृद्धि से समिति के सदस्यों की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया है। परिवारों की आवश्यकताओं की पूर्ति बेहतर ढंग से हो रही है और सदस्यों में आत्मनिर्भरता का विश्वास मजबूत हुआ है।

सेवा संकल्प से सामने आ रही बदलाव की कहानियां

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा, सुशासन और जनभागीदारी के भाव को आगे बढ़ाते हुए तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत कोरिया जिले में ऐसी सफलता की कहानियों को सामने लाया जा रहा है।

पुटा की नीरज मछुआ सहकारी समिति की सफलता यह संदेश देती है कि जब सरकारी योजना का सहयोग, विभागीय मार्गदर्शन और हितग्राहियों का प्रयास एक साथ जुड़ता है, तो आजीविका के नए रास्ते खुलते हैं। कृषि के साथ मत्स्य पालन को अपनाकर समिति के 25 सदस्य अब आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ रहे हैं।

यह कहानी केवल बढ़ी हुई आय की नहीं, बल्कि सेवा से मिले अवसर को आजीविका और आत्मनिर्भरता में बदलने की कहानी है जो सेवा संकल्प अभियान के मूल भाव को सार्थक करती है।

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